जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। नए साल की पूर्व संध्या (31 दिसंबर) को शरीयतपुर जिले के डामुड्या में 50 वर्षीय कारोबारी खोकोन चंद्र दास पर जानलेवा हमला हुआ।

हमला करने वालों ने उन्हें बेरहमी से पीटा, धारदार हथियार से वार किया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। अपने प्राण बचाने के लिए दास को सड़क किनारे एक तालाब में कूदना पड़ा, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए ढाका रेफर किया गया।
पिछले दो हफ्तों में यह हिंदुओं पर हमले की चौथी घटना है। बांग्लादेश में अगस्त 2024 के बाद से, जब शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हुआ, अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
हाल की हिंसा की घटनाएं
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18 दिसंबर, मयमनसिंह: ईशनिंदा के आरोप में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और शव को आग लगा दी गई।
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24 दिसंबर, राजबारी पांग्शा: हिंदू कारोबारी अमृत मंडल को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।
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मयमनसिंह: बजेंद्र बिस्वास को गोली मारकर हत्या।
हमले का तरीका
31 दिसंबर के हमले में दास ऑटो रिक्शा से घर लौट रहे थे। हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोककर पहले पिटाई, फिर धारदार हथियारों से हमला किया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर हालत में दास को ढाका रेफर किया गया है।
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दुनिया में हिंदुओं और भारतीय मूल लोगों पर हमले
बांग्लादेश में हिंसा के अलावा, दुनिया के कई देशों में हिंदुओं और भारतीय मूल लोगों पर जानलेवा हमले हुए हैं।
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कनाडा: टोरंटो यूनिवर्सिटी के स्कारबोरो कैंपस में 20 वर्षीय छात्र शिवांक अवस्थी को गोली मारकर हत्या। कुछ दिन पहले 30 वर्षीय हिमांशी खुराना की भी हत्या हुई।
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ब्रिटेन: हरियाणा के विजय कुमार शेओरान को 25 नवंबर को यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट ऑफ इंग्लैंड, ब्रिस्टल में चाकू से मार डाला गया।
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जर्मनी: तेलंगाना के 25 वर्षीय हृतिक रेड्डी के घर में आग लगी, बचने के प्रयास में वे अपार्टमेंट की ऊपरी मंजिल से कूद गए और उनकी मौत हो गई।
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विशेषज्ञों और भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बांग्लादेश और अन्य देशों में अल्पसंख्यक हिंदुओं और भारतीय मूल नागरिकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन रही है।
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