जुबिली न्यूज डेस्क
आजकल कई महिलाएं अपने बालों को सीधा, मुलायम और चमकदार बनाने के लिए हेयर स्ट्रेटनिंग जैसे ट्रीटमेंट का सहारा लेती हैं। ये सैलून ट्रीटमेंट तुरंत नतीजे देते हैं, लेकिन इनके केमिकल लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

इजरायल में हाल ही में 17 साल की एक लड़की को हेयर स्ट्रेटनिंग कराने के बाद गंभीर किडनी फेलियर के चलते शारे ज़ेडेक मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रीटमेंट के बाद उसे लगातार मतली, उल्टियां और तेज सिरदर्द की शिकायत होने लगी।
नेफ्रोलॉजी इंस्टीट्यूट के शोध में पाया गया कि ग्लाइऑक्सिलिक एसिड आधारित हेयर स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। अध्ययन में 14 से 58 साल की 26 महिलाओं के मामलों का विश्लेषण किया गया, जो पहले स्वस्थ थीं लेकिन अचानक किडनी फेलियर के साथ अस्पताल पहुंचीं।
सावधानियां:
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ग्लाइऑक्सिलिक एसिड वाले उत्पादों का इस्तेमाल करते समय पूरी जानकारी लें।
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केमिकल को सीधे खोपड़ी या बालों की जड़ों पर न लगाएं, कम से कम 1.5 सेंटीमीटर की दूरी रखें।
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उत्पाद को ज्यादा गर्म न करें और दिए गए निर्देशों का पालन करें।
सैलून ट्रीटमेंट से सुंदर दिखने की जल्दी में स्वास्थ्य को जोखिम में डालना खतरे से खाली नहीं है।
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