बंगाल चुनाव से पहले BJP को झटका, अभिनेत्री पार्णो मित्रा ने TMC का दामन थामा

जुबिली न्यूज डेस्क
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले दलबदल की राजनीति तेज होती नजर आ रही है। शुक्रवार को बांग्ला फिल्म अभिनेत्री पार्णो मित्रा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) जॉइन कर ली। तृणमूल कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य की मौजूदगी में पार्णो मित्रा ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

टीएमसी में शामिल होने के बाद पार्णो मित्रा ने कहा,
“हर इंसान से गलतियां होती हैं। अब उन गलतियों को सुधारने का समय आ गया है। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर मैं खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रही हूं।”
2019 में BJP में हुई थीं शामिल
पार्णो मित्रा वर्ष 2019 में बीजेपी में शामिल हुई थीं। इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बराहनगर सीट से बीजेपी का टिकट दिया गया था। उस चुनाव में वह टीएमसी उम्मीदवार तापस रॉय से हार गई थीं। दिलचस्प बात यह है कि तापस रॉय अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं, जबकि वर्तमान में सायंतिका बनर्जी बराहनगर से टीएमसी विधायक हैं।
हाल के दिनों में पार्णो मित्रा ने बीजेपी के प्रति अपनी नाराजगी भी सार्वजनिक रूप से जाहिर की थी। शुक्रवार को उन्होंने कहा,
“मैं छह साल पहले बीजेपी में शामिल हुई थी। इस बार लगा कि खुद को सही करने का वक्त आ गया है और मैंने वही किया।”

ममता बनर्जी के काम से प्रभावित होने का दावा
टीएमसी की ओर से पार्णो मित्रा का स्वागत करते हुए मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने उन्हें पार्टी का झंडा सौंपा। उन्होंने कहा कि
“पार्णो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काम और नेतृत्व से प्रेरित होकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई हैं।”
अभिनय से राजनीति तक का सफर
पार्णो मित्रा ने 2007 में अभिनय करियर की शुरुआत छोटे पर्दे के लोकप्रिय धारावाहिक ‘खेला’ से की थी। इसके बाद निर्देशक अंजन दत्त ने उन्हें फिल्मों में मौका दिया। वह ‘रंजना अमी आर असब ना’ की नायिका रहीं और कई चर्चित फिल्मों में नजर आईं।
उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं:
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बेडरूम
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मश मिष्टी एंड मोर
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राजकहिनी
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अलीनगरेर गोलकधंधा
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अपूर पांचाली
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अंक की कथा
बंगाल की सियासत में बढ़ी हलचल
पार्णो मित्रा का टीएमसी में शामिल होना ऐसे समय में हुआ है, जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो रही है। बीजेपी से टीएमसी में यह दलबदल राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
