रूस में रिकॉर्डतोड़ ठंड की मार, साइबेरिया में चेतावनी और भी भयावह

जुबिली स्पेशल डेस्क

रूस के साइबेरिया क्षेत्र में पड़ रही भीषण ठंड ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दुनिया के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल याकूतिया में तापमान गिरकर -56 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसे फिलहाल धरती का सबसे कम दर्ज तापमान माना जा रहा है।

हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि प्रशासन ने स्कूल बंद कर दिए हैं और लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान -60 डिग्री सेल्सियस तक भी जा सकता है।

याकूतिया के तटीय गांव टिकसी में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां बीते तीन दिनों से तेज बर्फीला तूफान जारी है। तेज हवाओं और भारी बर्फबारी ने पूरे इलाके को बर्फ की मोटी चादर में ढक दिया है। कई घरों के मुख्य दरवाजों तक बर्फ जम गई है, जिससे लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।

याकूतिया को दुनिया के सबसे ठंडे बसे हुए क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां सर्दियां बेहद लंबी और कठोर होती हैं। आमतौर पर तापमान -40 से -50 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, जबकि कई बार यह -60 डिग्री तक भी गिर जाता है। ओयमयाकोन गांव को दुनिया की सबसे ठंडी बस्ती माना जाता है, जहां गर्मियों में भी तापमान सीमित समय के लिए ही 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच पाता है।

मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी स्कूल और किंडरगार्टन बंद कर दिए हैं। बच्चों और बुजुर्गों को बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी गई है। बर्फ से ढकी सड़कों के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित है और राहत कार्यों में भी तेज हवाओं के चलते दिक्कतें आ रही हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। लोगों को घरों में रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस बार याकूतिया में पड़ी ठंड और बर्फीले तूफान ने जनजीवन को लगभग ठप कर दिया है।

Related Articles

Back to top button