हजारों फ्लाइट्स रद्द होने के बाद DGCA का यू-टर्न, क्रू रेस्ट वाला नियम वापस

जुबिली स्पेशल डेस्क
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस को बड़ी ऑपरेशनल राहत देते हुए उस पुराने आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें क्रू मेंबर्स को वीकली रेस्ट की जगह छुट्टी देने पर रोक लगा दी गई थी।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब देश का एविएशन सेक्टर लगातार उड़ान रद्द होने, स्टाफ की कमी और क्रू थकान के संकट से जूझ रहा है। इंडिगो को अकेले हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों और एयरलाइंस दोनों पर बड़ा दबाव बना।
DGCA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि विभिन्न एयरलाइंस की ओर से मिले अनुरोधों, ऑपरेशनल चुनौतियों और उड़ानों की निरंतरता बनाए रखने की जरूरत को देखते हुए, पहले जारी किए गए सख्त निर्देश का पुनरीक्षण जरूरी समझा गया।
इसी के तहत वीकली रेस्ट से जुड़े उस प्रावधान को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है। यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से जारी हुआ है।
हालांकि इससे पहले DGCA बार-बार जोर देकर कह चुका था कि एयरलाइंस की भीड़भाड़ और स्टाफ की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद थकान से जुड़े सुरक्षा नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
लेकिन इंडिगो ने गुरुवार को माना कि क्रू थकान नियमों को लागू करने में “गलत फैसले और कमजोर प्लानिंग” के कारण उसका संचालन तंत्र चरमरा गया और उसका ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) 8.5% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इंडिगो घरेलू मार्केट का 60% हिस्सा अपने नियंत्रण में रखता है, इसलिए इसकी गड़बड़ी का असर पूरे सेक्टर पर पड़ा।
पहले क्रू मेंबर्स के लिए लागू थे ये सख्त नियम
- साप्ताहिक आराम: 7 दिन काम के बाद 48 घंटे का अनिवार्य रेस्ट
- नाइट ड्यूटी: शिफ्ट समय रात 12 से सुबह 6 बजे
- नाइट लैंडिंग की सीमा: 6 लैंडिंग की जगह सिर्फ 2
- लगातार नाइट शिफ्ट पर रोक: 2 रातों से अधिक ड्यूटी नहीं
- फ्लाइट ड्यूटी पीरियड: प्री-फ्लाइट और पोस्ट-फ्लाइट समय में 1 घंटे से ज्यादा अतिरिक्त काम नहीं
- लंबी उड़ानों के बाद रेस्ट: इंटरनेशनल लॉन्ग-हॉल फ्लाइट्स के बाद 24 घंटे अनिवार्य आराम
- देशभर में उड़ानों का संकट: सिर्फ 48 घंटों में 600 से ज्यादा उड़ानें रद्द
इंडिगो हर दिन 2200 से ज्यादा उड़ानें संचालित करता है—एयर इंडिया से लगभग दोगुना। लेकिन पिछले 48 घंटों में सबसे बड़ा संचालन संकट देखने को मिला:
- दिल्ली एयरपोर्ट: 135 डिपार्चर, 90 अराइवल कैंसिल
- बेंगलुरु: 52 अराइवल और 50 डिपार्चर रद्द
- हैदराबाद: 92 फ्लाइट कैंसिल
- कुल मिलाकर: 600+ फ्लाइट्स बंद
यात्रियों में भारी नाराज़गी देखने को मिली और कई एयरपोर्ट्स पर हंगामे की स्थिति बन गई।
