जुबिली स्पेशल डेस्क
जब बार-बार सवाल उठने लगें और काबिलियत पर शक किया जाने लगे, तब खिलाड़ी अपने बल्ले से ही जवाब देता है। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में बिल्कुल यही किया। वनडे क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर उठ रही तमाम आशंकाओं के बीच कोहली ने शानदार शतक लगाकर आलोचकों के साथ-साथ फैसले लेने वालों को भी करारा जवाब दिया।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज में साधारण प्रदर्शन के बाद कोहली रांची में पूरी चमक के साथ लौटे। JSCA स्टेडियम में पहले ही दो शतक जड़ चुके कोहली ने इस मैदान पर अपना तीसरा वनडे शतक लगाकर यहां के खास रिकॉर्ड को और मजबूत कर दिया।
पहले बल्लेबाज़ी कर रही टीम इंडिया ने चौथे ओवर में ही यशस्वी जायसवाल का विकेट खो दिया था, जिसके बाद कोहली क्रीज पर आए और आते ही रन बरसाने शुरू कर दिए।

इस पारी में उन्होंने चौकों के साथ-साथ छक्के जड़ने पर भी पूरा जोर रखा। अर्धशतक तक पहुँचने से पहले ही कोहली 3 छक्के जमा चुके थे। इस दौरान उन्होंने कप्तान रोहित शर्मा के साथ 136 रन की साझेदारी भी की। रोहित के आउट होने के बाद भले ही भारतीय टीम ने तेजी से तीन विकेट गंवा दिए, लेकिन कोहली एक छोर पर मजबूती से टिके रहे।
38वें ओवर में चौका लगाकर उन्होंने 102 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक था, जिसके साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर के एक फॉर्मेट में सबसे अधिक शतकों (51—टेस्ट) के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। 306 वनडे मैचों में कोहली अब इस सूची में नंबर-1 बन गए हैं।
हालाँकि कोहली के पास दोहरा शतक लगाने का मौका था, लेकिन थकान और पीठ के दर्द के चलते वे 43वें ओवर में बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गए। इसके बावजूद उन्होंने रांची के दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पवेलियन लौटते समय पूरे स्टेडियम ने खड़े होकर उनका सम्मान किया।
विराट कोहली ने 120 गेंदों में 135 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
