जुबिली स्पेशल डेस्क
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत गहरे लाल निशान के साथ हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय उत्पादों पर 50% तक नए टैरिफ लगाने के ऐलान का सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा।
सुबह 9:25 बजे के आसपास ही बीएसई सेंसेक्स 678 अंक (0.84%) गिरकर 80,108 अंकों के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 176 अंक (0.71%) लुढ़ककर 24,535 अंकों के करीब पहुंच गया। यह साफ संकेत था कि निवेशक ग्लोबल ट्रेड वॉर के बढ़ते खतरे को लेकर चिंतित हैं।
सेक्टोरल इंडेक्स ध्वस्त
अमेरिका द्वारा बुधवार से लागू किए गए टैरिफ का सबसे ज्यादा असर टेक्सटाइल, जेम्स-एंड-ज्वेलरी, कालीन, फर्नीचर और झींगा निर्यात से जुड़ी कंपनियों पर पड़ा। इन सभी सेक्टर्स के शेयर रेड जोन में फिसल गए। निफ्टी बैंक और निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.9% टूटा, जबकि आईटी और रियल्टी सेक्टर में भी गिरावट दर्ज हुई।
ब्रॉडर मार्केट भी अछूता नहीं रहा और निफ्टी मिडकैप व स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.88% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया VIX 5% उछल गया, जो निवेशकों की बढ़ती अनिश्चितता और घबराहट को दर्शाता है।
पहले भी आई थी गिरावट
इससे पहले मंगलवार को भी बाजार धड़ाम हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 849 अंक टूटकर 80,786 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 255 अंकों की गिरावट के साथ 24,712 पर आ गया था। कारोबारी सत्र के दौरान दोनों इंडेक्स अपने निचले स्तरों तक फिसल गए थे।
कुल मिलाकर, अमेरिकी टैरिफ के झटके ने भारतीय शेयर बाजार को हिला दिया है और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है।