- बिहार में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर सियासी घमासान
जुबिली स्पेशल डेस्क
पटना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों बिहार में Special Intensive Revision (SIR) के खिलाफ बड़ी राजनीतिक मुहिम चला रहे हैं।
इस यात्रा को ‘वोटर अधिकार यात्रा’ नाम दिया गया है। दरभंगा से शुरू हुई इस यात्रा में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए बीजेपी और एनडीए अपने शीर्ष नेताओं व सहयोगी दलों को सक्रिय कर रही है।
राहुल गांधी के साथ इस यात्रा में आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। कांग्रेस और राजद इस यात्रा के ज़रिए चुनाव से पहले SIR को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बिहार बीजेपी के भीतर ही कुछ नेताओं का मानना है कि SIR से पार्टी को अपेक्षित लाभ नहीं मिला, बल्कि एनडीए समर्थक कई मतदाताओं के नाम सूची से कट गए हैं।
बीजेपी के एक सीनियर नेता के मुताबिक, SIR और वक्फ संशोधन विधेयक ने यादव–मुस्लिम समीकरण को कांग्रेस और आरजेडी के पक्ष में और मजबूत कर दिया है।
प्रशांत किशोर के आरोपों से बढ़ी चुनौती
बीजेपी के लिए एक और मुश्किल जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर के आरोप हैं। उन्होंने बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप कुमार जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
किशोर का कहना है कि दिलीप जायसवाल ने एक सिख संस्थान पर धोखाधड़ी से कब्जा किया, सम्राट चौधरी ने अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड में हेराफेरी की और मंगल पांडे एंबुलेंस घोटाले से जुड़े रहे। हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
243 सीटों पर जनसंपर्क अभियान
बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व को भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लोकप्रियता और एनडीए का संयुक्त प्रचार किसी भी संभावित नुकसान की भरपाई कर देगा। इसके लिए पार्टी ने सभी 38 जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस की ज़िम्मेदारी बड़े नेताओं को दी है और 243 विधानसभा सीटों पर जनसंपर्क के लिए 14 टीमों का गठन किया गया है।
यादव-मुस्लिम वोट बैंक पर निगाह
बीजेपी के कुछ नेताओं ने स्वीकार किया कि राहुल गांधी की यात्रा में अपेक्षा से ज्यादा भीड़ जुटी। उनका मानना है कि यादव और मुस्लिम समुदाय कांग्रेस–राजद के साथ एकजुट हो रहे हैं, जबकि दलित समाज का एक हिस्सा भी INDIA गठबंधन की ओर झुकता दिख रहा है।
हालांकि, बीजेपी के एक धड़े का मानना है कि SIR और राहुल गांधी की यात्रा को जितना बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है, उससे एनडीए को चुनावी नुकसान नहीं होगा।
इस बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने दावा किया कि राहुल गांधी की यात्रा में जुट रही भीड़ वास्तविक समर्थन नहीं है। उन्होंने कहा कि “इन यात्राओं में वही लोग शामिल होते हैं जिन्हें कांग्रेस या आरजेडी से टिकट की उम्मीद होती है।”