जुबिली न्यूज डेस्क
बंगाल में दुर्गा पूजा अनुदान को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि पूजा कमेटियां पिछले साल मिले फंड का हिसाब नहीं देंगी, तो उन्हें इस बार कोई सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा।
बुधवार को न्यायमूर्ति सुजॉय पाल और स्मिता दास डे की खंडपीठ ने यह सख्त आदेश दिया। कोर्ट ने कहा –“बिना हिसाब दिए सरकारी फंड नहीं मिलेगा। क्लबों को एक महीने के भीतर खर्च का पूरा विवरण देना होगा।”
क्या है मामला?
पिछले कुछ वर्षों से ममता सरकार दुर्गा पूजा समितियों को अनुदान देती आ रही है।
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2024 में: ₹85,000 प्रति पूजा कमेटी
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2025 में: बढ़कर ₹1,10,000 प्रति कमेटी
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बिजली बिल भी माफ
लेकिन अब कोर्ट ने पूछा – क्या इन क्लबों ने फंड का कोई हिसाब दिया?
क्या कहा कोर्ट ने?
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जिन क्लबों ने पिछले साल का हिसाब नहीं दिया, उन्हें अनुदान नहीं मिलेगा।
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सरकार को निर्देश: केवल उन्हीं क्लबों को फंड दें जिन्होंने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा किया हो।
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1 महीने का समय दिया गया है।
राज्य सरकार की सफाई
राज्य ने बताया:
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कोलकाता पुलिस क्षेत्र में 2,876 क्लबों को अनुदान मिला था
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सभी ने खर्च का प्रमाणपत्र (यूसी) दिया
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जिले स्तर पर 4,799 क्लबों में से 4,792 ने यूसी दिया
भाजपा और अन्य दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता सजल घोष बोले:“धर्मनिरपेक्ष राज्य को पूजा या धार्मिक आयोजनों पर टैक्स का पैसा खर्च नहीं करना चाहिए। ये पैसा विकास और सुरक्षा पर लगे।”
क्यों है यह आदेश अहम?
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बंगाल में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक नहीं, राजनीतिक और सामाजिक ताकत भी है
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