जुबिली न्यूज डेस्क
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ बिहार में पहुंच गई है, लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की इस यात्रा में मौजूदगी ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। मंगलवार को सुपौल में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी और रेवंत रेड्डी मंच पर नजर आए, जिसके बाद बिहार की राजनीति में डीएनए को लेकर नया बवाल शुरू हो गया।
इस पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया आई जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) की ओर से, जिन्होंने कहा कि रेवंत को बिहार के लोग लाठी-डंडों से दौड़ा देंगे। वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने रेवंत रेड्डी से माफी की मांग की है।
“बिहार को गाली देने वाले को मंच पर घुमा रहे राहुल गांधी”
प्रशांत किशोर ने कहा:”रेवंत रेड्डी बिहार को गाली देने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा था कि मजदूरी करना बिहार के डीएनए में है। आज राहुल गांधी ऐसे शख्स को मंच पर घुमा रहे हैं, ये उनके मानसिक दिवालियापन का संकेत है। अगर रेवंत किसी गांव में घुस गए तो लोग उन्हें लाठी-डंडों से खदेड़ देंगे।”
रविशंकर प्रसाद बोले – “रेड्डी माफ़ी मांगें”
बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा:”रेवंत रेड्डी का बिहार के डीएनए पर दिया गया बयान अपमानजनक है। बिहार के डीएनए में सम्राट अशोक, महात्मा गांधी, जयप्रकाश नारायण और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद हैं। कांग्रेस ऐसे बयान देने वाले नेता को बिहार लाकर जनता का अपमान कर रही है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”
क्या था रेवंत रेड्डी का पुराना बयान?
रेड्डी ने 2023 में मुख्यमंत्री बनने के बाद कहा था:“केसीआर का डीएनए बिहार का है। वे बिहार से विजयनगरम होते हुए तेलंगाना आए हैं। मेरा डीएनए तेलंगाना का है और तेलंगाना का डीएनए बिहार से बेहतर है।”
इस बयान को लेकर पहले भी विवाद हुआ था, लेकिन अब राहुल गांधी की यात्रा में रेवंत की एंट्री ने इस जख्म को ताजा कर दिया है।
राहुल-रेवंत की ‘जाति’ रणनीति
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना सरकार का आरक्षण मॉडल बिहार के OBC वोटर्स को लुभाने के लिए पेश किया जा रहा है। बता दें, तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों में 42% आरक्षण का प्रस्ताव है। कांग्रेस इस मॉडल को बिहार में जातिगत जनगणना की बहस के साथ जोड़कर मतदाताओं को एक नया विजन दिखाना चाहती है।
रेवंत रेड्डी की मौजूदगी को कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतीक के रूप में पेश किया है कि दक्षिण भारत भी जातिगत न्याय की लड़ाई में शामिल है।
सियासी समीकरण और विवाद का गठजोड़
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राहुल गांधी की यात्रा में रेवंत रेड्डी की मौजूदगी कांग्रेस की OBC रणनीति का हिस्सा है।
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विपक्ष इसे बिहार का अपमान बताकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश में है।
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प्रशांत किशोर का तीखा हमला राहुल गांधी की सियासी समझ पर सवाल खड़ा करता है।
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बीजेपी इस बयान को चुनावी हथियार बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की तैयारी में है।