‘वोट चोरी’ विवाद पर चुनाव आयोग का पलटवार, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों पर चुनाव आयोग के फैक्ट चेक ने जवाब देते हुए उन्हें भ्रामक करार दिया।

आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर कहा कि अगर राहुल गांधी को अपने दावे पर यकीन है, तो वे वोटर रजिस्ट्रेशन नियम 1960 की धारा 20(3)(बी) के तहत शपथ पत्र (एफिडेविट) पर हस्ताक्षर कर गुरुवार शाम तक महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पूरे मुद्दे की जानकारी दे रहे हैं। पब्लिक में सबकुछ कर रहे हैं। बता रहे हैं कि देखिए एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट हैं। एक विधानसभा में अंदर इतने फर्जी वोट, जो चुनाव लड़ता है वो समझता है इस बात को। विधानसभा चुनाव में एक लाख से ज्यादा का फर्जी वोट, सोचिए जहां उन्होंने वोट कर दिया वही जीतेंगे।

प्रियंका गांधी का EC से सवाल – जांच क्यों नहीं?

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग के इस रुख पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा,“अगर कोई जानबूझकर गड़बड़ी हुई है, तो जांच होनी चाहिए। आप हमें मतदाता सूची क्यों नहीं दे रहे? आप जांच क्यों नहीं कर रहे? इसके बजाय आप कह रहे हैं कि हलफनामा दो। इससे बड़ी शपथ क्या है जो हम सदन में लेते हैं?”

प्रियंका ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकसभा में और पब्लिक के बीच खुलकर सबूत दे रहे हैं कि एक विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख से ज्यादा फर्जी वोट हैं। उनके मुताबिक, “चुनाव में इतने वोट हटाकर आसानी से तय किया जा सकता है कि कौन जीतेगा।”

विपक्ष की रणनीति

रणनीति को लेकर प्रियंका ने कहा कि आगे का फैसला इंडिया गठबंधन के नेता करेंगे। उन्होंने दोहराया कि विधानसभा चुनाव में हर मतदाता महत्वपूर्ण होता है और इतनी बड़ी धांधली चुनाव नतीजों को प्रभावित कर सकती है।

‘टीचर’ वाला उदाहरण देकर EC पर तंज

प्रियंका गांधी ने तंज कसते हुए कहा,“अगर कोई छात्र टीचर से कहे कि चीटिंग हो रही है, तो क्या टीचर थप्पड़ मारेगी या जांच करेगी? यहां शिकायत की जांच करने की बजाय शिकायतकर्ता से उल्टा हलफनामा मांगा जा रहा है। इतना सबकुछ सामने होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही।”

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