“यह शुरुआत है बुरे दिनों की…” – नौकरी और अर्थव्यवस्था पर अखिलेश यादव का तीखा हमला

जुबिली न्यूज डेस्क 

लखनऊ – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश की आर्थिक स्थिति और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा:“यह शुरुआत है बुरे दिनों की। इस देश के नौजवानों को नौकरी और रोजगार चाहिए। अगर रुकावटें होंगी, तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था का क्या होगा?”

अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब देश में बेरोजगारी, युवाओं के पलायन और निजीकरण जैसे मुद्दों पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है।

 युवाओं को लेकर चिंता

अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कहा कि देश का भविष्य तभी सुरक्षित है जब नौजवानों को रोजगार मिले।“आज का युवा डिग्री लेकर भटक रहा है। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही। ये सरकार सिर्फ वादे करती है, रोजगार नहीं देती।”

 आर्थिक मंदी का खतरा

उन्होंने आगाह किया कि अगर युवाओं को समय रहते अवसर नहीं मिला, तो इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।“बेरोजगारी बढ़ेगी तो खपत घटेगी, उत्पादन रुकेगा, निवेशकों का भरोसा डगमगाएगा और अंत में अर्थव्यवस्था रसातल में चली जाएगी।”

 केंद्र पर तंज: सिर्फ घोषणाएं, ज़मीन पर ज़ीरो काम

सपा प्रमुख ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा,“हर साल 2 करोड़ नौकरी देने का वादा करने वाले अब चुप हैं। नौजवानों को पकौड़ा तलने की सलाह देने वाली सरकार को जवाब देना होगा।”

 क्या कहता है डाटा?

  • CMIE की रिपोर्ट के अनुसार भारत में जुलाई 2025 तक बेरोजगारी दर 8.4% तक पहुंच चुकी है।

  • युवाओं में 15-24 आयु वर्ग की बेरोजगारी दर 20% से अधिक है।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है।

 विपक्षी एकजुटता की तैयारी?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान 2026 की तैयारियों का हिस्सा हो सकता है। विपक्ष देशभर में “रोजगार दो” अभियान की शुरुआत की बात कर रहा है।

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