डॉ. आंबेडकर जयंती पर पीएम मोदी से लेकर अन्य नेताओं ने क्या कहा? जानिए


पीएम मोदी ने क्या कहा:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. आंबेडकर को याद करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन। वे सामाजिक न्याय के प्रतीक थे। उनका विजन हमें समावेशी और प्रगतिशील भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करता है। हम उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश:
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “डॉ. आंबेडकर ने संविधान निर्माता के रूप में भारत को मजबूत लोकतंत्र की नींव दी। उनकी शिक्षाएँ आज भी हमें सामाजिक समानता और बंधुत्व की ओर अग्रसर करती हैं।”
राहुल गांधी ने कहा:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने डॉ. आंबेडकर की जयंती पर ट्वीट करते हुए लिखा, “डॉ. आंबेडकर ने हमें अधिकारों की शक्ति दी। आज हमें उनकी शिक्षाओं को अपनाकर हर प्रकार के भेदभाव के खिलाफ मिलकर लड़ने की जरूरत है।”
अरविंद केजरीवाल का संदेश:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “डॉ. आंबेडकर ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया था। हम सबको मिलकर उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए।”
मायावती ने कहा
वहीं, मायावती ने कई पोस्ट किए. उन्होंने कहा कि देश के समस्त दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों व अन्य उपेक्षितों को भी वास्तव में मिशनरी आंबेडकरवादी बनना होगा. बसपा सुप्रीमो मायावती ने बाबा साहब को याद करते हुए कहा, “उनका संघर्ष और बलिदान आज भी हमें सामाजिक न्याय की दिशा में प्रेरित करता है।”
ये भी पढ़ें-“इकाना बना माही का मैदान, फैंस की दीवानगी ने लगाया ट्रैफिक जाम”
अन्य नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि:
-
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि “बाबा साहब ने वंचितों के उत्थान के लिए जो योगदान दिया, वह कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
-
शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे ने भी बाबा साहब को नमन करते हुए कहा, “उनके विचार ही भारत की असली ताकत हैं।”
-
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे: खरगे ने कहा कि बाबा साहेब ने भारत को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व पर आधारित संविधान दिया, जो सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का सबसे शक्तिशाली औजार है। उन्होंने समावेशिता को देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
-
सपा प्रमुख अखिलेश यादव: अखिलेश ने कहा कि बाबा साहेब की देन और धरोहर ‘संविधान और आरक्षण’ को बचाने के लिए एकजुटता जरूरी है। उन्होंने संविधान को ‘संजीवनी’ और ‘ढाल’ बताते हुए सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान को रेखांकित किया।


