VIdeo : डिंपल यादव ने कुछ इस अंदाज में मोदी-योगी पर हमला बोला

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखनऊ। यूपी के मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को चर्चा में भाग लिया है।

सांसद डिंपल यादव ने भी मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सदन में चर्चा करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के लोग कह रहे थे कि हमें राजस्थान पर चर्चा करना चाहिए, जहां महिलाओं के साथ जघन्य अपराध हो रहे हैं। गुजरात की चर्चा करनी चाहिए, छत्तीसगढ़ की चर्चा करनी चाहिए।

अगर ऐसा है तो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की भी जरूर चर्चा होनी चाहिए। इस दौरान डिंपल यादव ने एनसीआरबी के आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि हर तीन घंटे में उत्तर प्रदेश के अंदर एक महिला का शारीरिक उत्पीडऩ होता है। यूपी की सरकार और केंद्र सरकार यानी डबल इंजन की सरकार इस बात पर संज्ञान नहीं ले रही है।

इसके बाद डिंपल यादव ने सीधी मणिपुर की घटना का मामला उठाते हुए कहा कि वह कोई मामूली घटना नहीं ह। यह बहुत ही संवेदनशील घटना है। इस मामले में सरकार का रवैया बहुत ही संवेदनहीन रहा है।

यह सरकार मद में डूबी हुई सरकार है। इतना ही नहीं वहां पर पूरी तरह से मानवाधिकार का उल्लंघन किया गया है। इसके आलावा हिंसा को वहां पर जारी रखने के लिए महिलाओं का प्रयोग किया जा रहा है। इसको किसी भी तरह से जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

डिंपल ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि मणिपुर की घटना पर पूरे विश्व में निंदा की गई है। इस घटना ने हम भारतवासियों का सिर शर्म से झुक गया ह।

यह एक स्टेट स्पॉन्सर्ड एथनिक वॉयलेंस है। उन्होंने मणिपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सोशल मीडिया के माध्यम से विजुअल सामने नहीं आते तो किसी को भी पता नहीं चलता कि मणिपुर में क्या हुआ है।

जो विजुअल सामने आए, जिसमें महिलाओं को निर्वस्त्र किया गया. उनका रेप किया गया. इसका कौन जिम्मेदार है। हम सरकार से जानना चाहते हैं कि कितने लोगों पर एक्शन हुआ है, कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं।करीब 60 हजार लोग विस्थापित हुए हैं. 14 हजार बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। क्या यह भाजपा की राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी नहीं है।

उन्होंने कहा,कि मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करती हूं कि वह आए। हम प्रधानमंत्री के सामने चर्चा करना चाहते थे, लेकिन पीएम आज भी मौजूद नहीं हैं।

इस चीज की हमें हमेशा कमी महसूस होगी। सीएम का यह विशेष धर्म था कि वह इस वॉयलेंस को रोकने का काम करें, क्योंकि वह सीएम की कुर्सी पर बैठे थे। यह बॉर्डर वाला राज्य है। सेना हमेशा वहां तैनात रहती है।असमल राइफल्स और बीएसफ वहां पर है. अगर वहां की सरकार चाहती तो दो दिन में इसे कंट्रोल किया जा सकता था। लेकिन सरकार का इंटेशन सही नहीं था।

 

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