…तो गुजरात और हिमाचल में भी डूबेगी कांग्रेस की लुटिया!

जुबिली न्यूज डेस्क

कांग्रेस की हालत किसी से छिपी नहीं है। पार्टी में कोई सुधार होता दिख नहीं रहा। पूरे देश से नेताओं का पार्टी छोडऩे का सिलसिला जारी है।

कुछ दिनों पहले राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर हुआ था जिसमें पार्टी हाईकमान से लेकर वरिष्ठï नेता शामिल हुए थे। इस चिंतन शिविर पर कई नेताओं ने तंज भी कसा था।

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अब चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के चिंतन शिविर पर तंज कसा है। उन्होंने इसे विफल करार दिया है। एक ट्वीट में पीके ने कहा, ”उदयपुर चिंतन शिविर के परिणाम पर मुझे बार-बार टिप्पणी करने के लिए कहा गया है। मेरे विचार से यह यथास्थिति को बढ़ाने और कांग्रेस नेतृत्व को कुछ समय देने के अलावा कुछ भी सार्थक हासिल करने में विफल रहा।”

इतना ही नहीं पीके ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की हार की भी भविष्यवाणी की है।

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मालूम हो कि कुछ समय पहले पीके की कांग्रेस के साथ चली लंबी बातचीत बेनतीजा रही थी। इसके बाद प्रशांत किशोर ने कांग्रेस को लेकर कहा था है कि कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि जनता ही सरकार को उखाड़ फेकेगी और उन्हें सत्ता मिल जाएगी।

प्रशांत किशोर ने कहा था कि कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही है इसीलिए उसे विपक्ष में रहना नहीं आता।

पीके ने कहा था, ‘ कांग्रेस के लोगों में एक समस्या है। उनका मानना है कि उन लोगों ने लंबे समय तक देश में शासन किया है और जब लोग नाराज होंगे तो सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और फिर हम आ जाएंगे। वे कहते हैं कि आप क्या जानते हैं, हम सब कुछ जानते हैं और लंबे समय तक सरकार में रहे हैं।’

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