संकट में सिंधिया की कुर्सी, मंत्री पद के साथ जा सकती है सांसदी भी

जुबिली स्पेशल डेस्क

मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार को गिराने में अहम रोल अदा करने वाले और कांग्रेस से किनारा कर बीजेपी का दामन थामने वाले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर सुर्खियों में है।

दरअसल उनकी मुश्किलें तब और बढ़ गई जब राज्यसभा चुनाव के नामांकन में सिंधिया के तथ्य छुपाने की बात सामने आ रही है। हालात तो अब ऐसे बन गए है कि उनकी गलती उनके लिए बड़ी परेशानी पैदा कर सकती है। इतना ही नहीं यही गलती उनके लिए गले की हड्डी बनेगी और मोदी कैबिनेट से आउट भी किये जा सकते हैं।

स्थानीय मीडिया की माने तो बीजेपी ने उनको राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया था लेकिन सिंधिया ने राज्यसभा चुनाव के नामांकन में जो जानकारी दी थी वो सही नहीं पायी गई है।

बताया जा रहा है कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी छुपा डाली है। इसके बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह ने हाईकोर्ट में सिंधिया के खिलाफ जानकारी छुपाये जाने के संबंध में याचिका दायर की थी। अब कोर्ट ने इस विषय पर संज्ञान लेते हुए सिंधिया सहित जिम्मेदारों को नोटिस थमाया है और जबाव मांगा है।

पूर्व मंत्री गोविंद सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंड पीठ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और पूर्व विधायक फूल सिंह बरैया को नोटिस जारी किया है। हाल ही में इस याचिका को ग्वालियर बेंच में ट्रांसफर किया गया है, जिस पर हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, गोविंद सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा चुनाव को शून्य घोषित करेगा।

क्या है पूरा मामला

मामला साल 2018 का बताया जा रहा है जब भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

ये बाद मीडिया में भी आ चुकी है और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी माना था किएफआईआर हुई थी लेकिन राज्यसभा के लिए नामांकन में इसका जिक्र नहीं किया था। नामांकन में उन्होंने इस तथ्य को छुपाया और अब उनके लिए ये परेशानी पैदा कर सकता है। गोविंद सिंह की इस याचिका पर दो सांसदों और पूर्व विधायकों को नोटिस जारी हुआ है।

उनकी ये गलती उनपर भारी पड़ सकती है। इसके साथ ही उनकी राज्यसभा सीट पर तलवार लटक सकती है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि नामांकन के दौरान तथ्य छुपाना नियमों का उल्लंघन है और कोर्ट चाहेगा तो राज्यसभा चुनाव को शून्य घोषित कर सकता है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा की सीट गवांनी पड़ सकती है। बता दें कि हाल के दिनों में बीजेपी में उनका कद लगातार बढ़ रहा है।

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