वाराणसी के कबीर मठ में प्रियंका के रुकने का क्या होगा असर

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ / वाराणसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का छठा चरण बृहस्पतिवार को सम्पन्न हो गया. सात मार्च को अब आख़री चरण का मतदान होना है. आख़री चरण के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आख़री चरण के मतदान से पहले वाराणसी पहुँच गईं. अब अगले तीन दिन तक वह वाराणसी में ही रहेंगी.

वाराणसी के कबीर चौरा मठ पहुँचने के बाद प्रियंका गांधी ने मठ के महंत से कबीरदास की स्मृतियों पर विस्तार से बात की. प्रियंका इसी मठ में अगले तीन दिन रहने वाली हैं. संत कबीर का सामाजिक न्याय और दलितों व पिछड़े वर्ग के साथ उनके जुड़ाव के मद्देनज़र प्रियंका के यहाँ रुकने का एक बड़ा सन्देश मतदाताओं तक जायेगा.

आख़री चरण के चुनाव में उत्तर प्रदेश की 54 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. इन सीटों पर दलितों और पिछड़ों की संख्या सबसे ज्यादा है. इस इलाके पर संत कबीरदास का असर भी बहुत ज्यादा है. प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के घोषणापत्र में दलितों और अति पिछड़ों को लेकर तमाम घोषणाएं भी की हैं और अब चुनाव से ठीक पहले उन्होंने कबीर के मठ में अपना आसन जमा लिया है तो इसका सीधा असर जाना भी तय है.

प्रियंका गांधी ने वाराणसी में रहने के लिए उस कबीर मठ को चुना है जहाँ महात्मा गांधी और गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर रुका करते थे. इस इलाके में बड़ी संख्या में कला और संगीत से जुड़ी नामचीन हस्तियाँ भी रहती हैं. इस इलाके में सिर्फ रुक जाने से ही सन्देश काफी दूर तक जायेगा.

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