मैरिटल रेप के सवाल पर केंद्र सरकार ने क्या कहा?

जुबिली न्यूज डेस्क

संसद में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मैरिटल रेप से जुड़े सवाल पर जवाब दिया।

बुधवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मैरिटल रेप पर पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि सरकार ने आपराधिक कानूनों में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

इसके साथ ही ईरानी ने ये भी कहा कि हर वैवाहिक रिश्ते को हिंसक और हर पुरुष को दुष्कर्मी बताकर निंदा करना सही नहीं है।

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लोकसभा में सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने अपने सवाल में पूछा था कि मैरिटल रेप को आईपीसी के तहत अपराध के तौर पर शामिल करने को लेकर केंद्र सरकार का क्या रुख है?

वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली उच्च न्यायालय में मैरिटल रेप को अपराध के दायरे में लाने की याचिकाओं पर सुनवाई की जा रही है।

सरकार जल्द ही अपनी दलीलें पेश कर सकती है। सरकार की तरफ से पेश होने वाले अधिवक्ताओं ने कहा है कि इस मामले में व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत है, ऐसे में वो सरकार के स्टैंड को बताने के लिए समय मांग चुके हैं।

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इन याचिकाओं में आईपीसी की धारा-375 के अपवाद को खत्म करने की मांग की गई है जिसमें कहा गया है कि एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी (18 साल की उम्र से अधिक) के साथ जबरन बनाया गया शारीरिक संबंध रेप नहीं माना जाएगा।

आंकड़ों के मुताबिक 7 फीसदी विवाहित महिलाओं ने वैवाहिक यौन हिंसा का अनुभव किया है।

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