जुबिली न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में चुनावी समर अपने पूरे शबाब पर पहुँच चुका है. पहले चरण का मतदान 20 फरवरी को होना है. यानि सिर्फ 20 दिन के बाद ही उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में 58 दिग्गजों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो जायेगा. पहले चरण के मतदान में योगी आदित्यनाथ की सरकार के आठ मंत्रियों के कामकाज को भी जनता की अदालत में पेश किया जायेगा.
पहले चरण के मतदान में योगी सरकार के प्रवक्ता और ताकतवर मंत्री श्रीकांत शर्मा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. श्रीकांत शर्मा ऊर्जा मंत्री हैं. अखिलेश यादव की चुनौती के बाद योगी सरकार ने बिजली के दाम पचास फीसदी घटाए हैं. श्रीकांत शर्मा मथुरा से अपना भाग्य आजमा रहे हैं. सपा-रालोद गठबंधन के देवेन्द्र अग्रवाल, कांग्रेस के प्रदीप माथुर और बसपा के एस.के. शर्मा उन्हें अच्छी टक्कर भी दे रहे हैं.

पहले चरण के मतदान में योगी सरकार के दूसरे मंत्री सुरेश राणा की प्रतिष्ठा भी दांव पर है. सुरेश राणा प्रदेश के गन्ना मंत्री हैं. 13 महीने के किसान आन्दोलन के दौरान गन्ना किसानों की समस्याएं पूरे देश में चर्चा का विषय रही हैं. हालांकि योगी सरकार का दावा है कि जितना गन्ना मूल्य का भुगतान उन्होंने किया है किसी ने नहीं किया. गन्ना किसानों को सरकार ने कितनी राहत पहुंचाई है इसका फैसला सुरेश राणा को मिले वोटों से होने वाला है. सुरेश राणा को सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी अशरफ अली, कांग्रेस के सत्यम सैनी और बसपा के ज़हीर मालिक से चुनौती मिल रही है.
पहले चरण के मतदान में प्रदेश के पशुधन मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, व्यवसायिक शिक्षा मंत्री कपिल अग्रवाल और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. विपक्ष जहाँ पूरी ताकत से प्रचार में लगा है वहीं सरकार के मंत्री अपने पांच साल के कामों की परीक्षा देने के लिए मैदान में हैं. वह जहाँ भी वोट मांगने जा रहे हैं उन्हें जनता के सवालों के जवाब देने पड़ रहे हैं.
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