पंजाब की घटना पर राहुल ने तोड़ी चुप्पी, कहा 2014 से पहले लिंचिंग शब्द नहीं सुना था

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। पंजाब में इस समय तनाव है। दरअसल इसी 18 दिसम्बर को अमृतसर के स्वर्ण मन्दिर और 19 दिसम्बर को कपूरथला के निजामपुर गुरूद्वारे में घुसे युवकों ने बेअदबी की कोशिश की और इस कोशिश में दोनों युवक मार डाले गए और न उनकी शिनाख्त हो पाई और न ही यह पता लग पाया कि इसके पीछे मकसद क्या था।

इसके बाद से पंजाब की सियासत में जुब़ानी जंग तेज होती नजर आ रही है। पंजाब में विधान सभा चुनाव होना है। ऐसे में वहां पर बेअदबी का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

जहां एक ओर पंजाब में विपक्ष और सरकार इस मामले में आमने सामने हैं तो अब इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी का लिंचिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है कि साल 2014 से पहले (मोदी सरकार आने से पहले) लिंचिंग शब्द सुनने में नहीं आता था।

हालांकि अब तक पंजाब में हुई घटना पर राजनेता खुलकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं क्योंकि मामले बेअदबी से जुड़े हैं। उधर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने इसको लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी थी और कहा था कि बेअदबी करने वालों को सबके सामने फांसी दी जानी चाहिए।

दूसरी ओर राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने जवाब दिया है।बीजेपी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी ट्वीट करते हुए राहुल के पिता राजीव गांधी को लिंचिंग का जनक कहा है।

उधर आईबी ने पंजाब में यह एलर्ट जारी किया है कि अभी बेअदबी की और घटनाएं भी हो सकती हैं। इस एलर्ट के बाद पंजाब के सभी धार्मिक स्थलों की निगरानी के आदेश दिए गए हैं। सभी धार्मिक स्थलों को सीसीटीवी से लैस करने को कहा गया है. एलर्ट में कहा गया है कि देश विरोधी ताकतों के इशारे पर पंजाब के गुरुद्वारे और डेरे हैं।

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