‘हम गांधी के भारत में शामिल हुए गोडसे के नहीं’

जुबिली न्यूज डेस्क

जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी पर निशाने साधते हुए कहा है कि हम गांधी के भारत में शामिल हुए थे ना कि गोडसे के भारत में।

जम्मू में एक सभा में अब्दुल्ला ने कहा , ‘हमारा गांधी के भारत के साथ विलय हुआ ना कि गोडसे…हम हिंदू, मुस्लिम और सिखों के बीच कभी भेदभाव नहीं करते हैं। अगर मेरा जन्म नेहरू परिवार में होता तो आज मैं एक ब्राह्मण होता और इंदिरा गांधी एक मुस्लिम होती और वो मेरे पिता के घर जन्म लेतीं तो।’

पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा, ‘भारत के खिलाफ हमने कभी कोई नारा नहीं लगाया। लेकिन हमें पाकिस्तानी कहा गया। इतना ही नहीं मुझे खालिस्तानी तक कहा गया। उन्होंने कहा कि हम महात्मा गांधी के मार्ग पर चलते हैं और गांधी के भारत को वापस लाना चाहते हैं।’

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इससे पहले, मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक दिवसीय सम्मेलन में फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि बीजेपी लोगों से झूठ बोलती है। चुनावों में नफरत और धर्म-जाति के नाम पर वोट मांगती है।

उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में 750 किसानों ने शहादत दी है। खुद जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसानों का समर्थन करते हुए बीजेपी को आगामी चुनाव में हार के संकेत दिए थे। पांच राज्यों में हार को देखते हुए मोदी सरकार ने कृषि कानून रद्द कर दिए।

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वहीं इससे पहले फारुक अब्दुल्ला ने कहा था, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमसे ‘दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी’ हटाने का वादा किया था। न तो दिल जुड़े न ही जम्मू कश्मीर और दिल्ली के बीच की दूरी मिटी। अगर कुछ बदला है तो उन्हें लोगों को यह बताना चाहिए।’

दरअसल उनका इशारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बगैर उनके उस बयान की ओर था जिसमें उन्होंने कहा था कि अनुच्छेद 370 के रद्द होने के बाद जम्मू कश्मीर में स्थिति में सुधार हुआ है। फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि झूठे दावे किए जा रहे हैं जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति गंभीर है।

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