विपक्षी एकता को झटका ! प्रदर्शन में नहीं शामिल हुई TMC

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। पेगासस जासूसी कांड को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रही है। इतना ही नहीं पेगासस जासूसी कांड और कृषि कानूनों के खिलाफ विपक्ष सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया है।

इसके साथ ही कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार राहुल गांधी मोदी सरकार को घेरते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि राहुल गांधी इस मुद्दे के सहारे विपक्षी एकता को भी मजबूत करना चाहते हैं।

इसी के तहत लगातार बैठकें भी कर रहे हैं। हालांकि राहुल गांधी इन कोशिशों पर कुछ पार्टी किनारा करती नजर आती है। दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेता शुक्रवार को दोपहर में जंतर-मंतर पहुंचकर तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए प्रदर्शन किया है।

इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष ने जमकर प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए और उनके हाथ में ‘सेव फार्मर्स, सेव इंडिया’ यानी ‘किसान बचाओ, देश बचाओ’ के पोस्टर दिखे लेकिन इस दौरान विपक्षी एकता को तब और झटका लगा जब ममता की पार्टी टीएमसी से कोई नहीं आया है। जानकारी के मुताबिक इस प्रदर्शन में ममता बनर्जी की टीएमसी, अरविंद केजरीवाल की आप और मायावती की बसपा भी गायब रही है।

ऐसा नहीं है कि ये पहली बार हुआ है। इससे पहले भी विपक्षी एकता को कई मौकों पर झटका लगा है। राहुल गांधी की ब्रेकफास्ट मीटिंग में आम आदमी पार्टी और बसपा ने किनारा कर रखा था। अब जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों के जुटान से टीएमसी गायब रही।

 

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक की थी। इस बैठक में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा एवं जयराम रमेश, द्रमुक के टीआर बालू, शिवसेना के संजय राउत और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। ऐसे में विपक्षी एकता को एकजुट करने की कांग्रेस की कोशिशों पर लगातार झटका लग रहा है।

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