… तो क्या UP में प्रियंका गांधी होगी कांग्रेस का चेहरा

जुबिली स्पेशल डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधान सभा चुनाव होना है। हर कोई बीजेपी और सपा की चर्चा कर रहा है। हालांकि विधान सभा चुनाव में कांग्रेस भी बेहतर तैयारी के साथ उतर रही है।

कांग्रेस ने इसके लिए काफी समय पहले से ही जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं पिछली हार के बाद कांग्रेस ने अपने संगठन में काफी बदलाव किया है।

इसके साथ ही प्रियंका गांधी भी अब उत्तर प्रदेश में लगातार सक्रिय है और सरकार की नाकामी को लगातार उजागर करने में लगी हुई है। यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने विधानसभा चुनाव कांग्रेस की रणनीति को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में फैसला कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में लड़ा जाएगा।

उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस अकेले भी मजबूती से चुनावी लडऩे का दम-खम रखती है। उन्होंने उम्मीद जतायी है कि समाजवादी पार्टी या बहुजन समाजवादी पार्टी से गठबंधन किए बिना विधानसभा चुनाव लडऩे की क्षमता है।

उन्होंने कहा, कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी को चुनौती देने वाली मुख्य पार्टी कांग्रेस है। एसपी और बीएसपी के नेता निराश हैं क्योंकि लोगों ने उन्हें खारिज कर दिया है।

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कांग्रेस ने अपनी तैयारी को मजबूती देने के लिए चुनाव से पहले शुरू किया सोशल मीडिया प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कर रही है। कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए सोशल मीडिया को हैंडल करने पर केंद्रित प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है।

अजय कुमार लल्लू ने कहा, “कांग्रेस अपने 8 में से 7 जोन में 1 जुलाई से 8 जुलाई तक दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगी. प्रत्येक जोन के प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, राज्य सचिव, जिलाध्यक्षों, नगर अध्यक्षों और उस जोन से जुड़े सभी जिलों के प्रखंड अध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में अगले साल विधान सभा चुनाव होना है लेकिन यहां पर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। बसपा ने कुछ दिन पूर्व कहा है कि वो अकेले चुनाव में ताल ठोंकेगी।

आलम बीजेपी से लेकर सपा अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में लगे हुए है। विधान सभा चुनाव को देखते हुए छोटे दलों पर सबकी नजरे हैं।

इतना ही नहीं बड़े दल किसी भी बड़ी पार्टी से गठबंधन करने के लिए तैयार नहीं है लेकिन छोटे दलों को अपने साथ रखने की बात जरूर कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस भी अकेले इस चुनावी दंगल में ताल ठोकने को तैयार है।

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