CM बने रहने के लिए अपनी पुरानी सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में ममता

जुबिली स्पेशल डेस्क

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में ममता सरकार दोबारा सत्ता में लौट चुकी है लेकिन ममता नंदीग्राम की सीट जीत नहीं सकी है। शुवेंदु अधिकारी ने ममता को पराजित किया था।

दरअसल ममता ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव न लडक़र नंदीग्राम से चुनाव लडऩे का बड़ा कदम उठाया था लेकिन उन्हें वहां हार का मुंह देखना पड़ा है। अब जानकारी मिल रही है कि ममता अब भवानीपुर सीट से चुनाव लडऩे की तैयारी में है।

इतना ही नहीं भवानीपुर से जीतने वाले तृणमूल विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने आज दोपहर बंगाल विधानसभा से अपना इस्तीफा सौंप दिया ताकि ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव लडऩे का रास्ता साफ हो सके।

मुख्यमंत्री बने रहने के लिए ममता बनर्जी को छह महीने के भीतर उपचुनाव लडऩा होगा। इस वजह से ममता अब पुरानी सीट से ही चुनाव लडऩे का फैसला किया है। पश्चिम बंगाल में लगातार तीसरी बार ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी है।

क्या है नियम

213 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस सत्ता में तो लौट आयी, लेकिन पार्टी की सबसे बड़ी नेता और प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद चुनाव हार गयीं। संविधान के नियमों मुताबिक, मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना होगा।

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भवानीपुर विधानसभा सीट पर शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने भाजपा उम्मीदवार रुद्रनील घोष को 28,819 वोट से हराया था। भवानीपुर विधानसभा सीट पर सातवें चरण में 26 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। यहां तृणमूल के सीनियर नेता शोभनदेव को 57.71 फीसदी वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 35.16 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे।

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