अजीम प्रेमजी की Wipro कैसे बनी चौथी सबसे मूल्यवान आईटी कंपनी

जुबिली न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े दानवीर अजीम प्रेमजी की कंपनी विप्रो ने मार्केट कैप में कॉग्निजेंट को पीछे छोड़ दिया है। विप्रो दुनिया की चौथी सबसे मूल्यवान आईटी सर्विसेज कंपनी बन गई है। अभी तक दुनिया की सबसे मूल्यवान आईटी सर्विसेज कंपनी Accenture है। इसके बाद TCS और इन्फोसिस का स्थान है।

न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर विप्रो का एडीआर 2.4% बढ़कर 7.4 डॉलर प्रति शेयर हो गया। इसकी वजह से कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 38.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

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वहीं नास्डैक पर सुबह के ट्रेड में कॉग्निजेंट का ADR 1.2% बढ़कर 71.5 डॉलर हो गया और कंपनी का मार्केट कैप 37.7 अरब डॉलर रहा। हालांकि वित्त वर्ष 2019-20 में कॉग्निजेंट का रेवेन्यु 16.5 अरब डॉलर रहा था, जो कि विप्रो के रेवेन्यु के दोगुने से भी ज्यादा था। विप्रो का रेवेन्यु 8.1 अरब डॉलर रहा था।

विप्रो में लगभग एक साल पहले नए सीईओ थियरी डेलापोर्टे ने जॉइन किया है। उनके संचालन में विप्रो के प्रदर्शन में सुधार हो रहा है। Thierry Delaporte ने बेहतर फोकस के लिए कंपनी की सर्विस लाइन्स को रिडिफाइन किया है और सीनियर मैनेजमेंट को कुछ हद तक ट्रिम किया है। डेलापोर्टे के आने के बाद से विप्रो के शेयरों में 127% का उछाल आया है।

सालों तक ग्रोथ दर्ज करने के बाद अब कॉग्निजेंट की रफ्तार धीमी पड़ रही है। यह स्लोडाउन पुराने सीईओ फ्रांसिस्को डिसूजा का कार्यकाल खत्म होने के बाद से शुरू हुआ और नए सीईओ ब्रायन हंफ्राइज के कार्यकाल में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर नहीं हुआ है।

कॉग्निजेंट पिछले दो सालों में अधिग्रहणों पर लगभग 1.5 अरब डॉलर खर्च कर चुकी है। पिछले दो सालों में कंपनी के शेयर केवल लगभग 16 फीसदी चढ़े हैं।

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