RSS-BJP के ‘पॉजिटिविटी कैंपेन’ पर क्या बोले-राहुल गांधी व प्रशांत किशोर

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली देश में कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक है। आलम तो यह है कि कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की लगातार जान जा रही है।

इतना ही नहीं हर दिन चार लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इस दौरान कोरोना को रोकने के लिए सरकार की तैयारियों को लेकर भी तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं।

दरअसल कमजोर स्वास्थ्य इफ्रा ने लोगों को परेशान कर डाला है जबकि कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की जान ऑक्सीजन की कमी और समय पर बेड न मिलने की वजह से भी जा रही है। इस वजह से सरकार आम लोगों के साथ-साथ विपक्ष के निशाने पर भी है।

हर कोई सरकार की आलोचना कर रहा है। दूसरी ओर एनडीटीवी की खबर के अनुसार बीजेपी और उसकी पैरेंट ऑर्गनाइजेशन राष्ट्रीय स्वयंसेवक की योजना है कि सकारात्मकता फैलाने के लिए कार्यक्रम किए जाएं और कदम उठाए जाएं।

उधर बीजेपी और उसके सहयोगी इस कोशिशों को लेकर भी कड़ी आलोचना देखने को मिल रही है। बुधवार को चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इस विचार को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने एक ट्वीट कर अपनी बात रखते हुए कहा कि ऐसे वक्त में जब शोक मना रहा है और आए दिन हमारे चारों ओर त्रासदियां घट रही हैं,

ऐसे में सकारात्मकता के नाम पर झूठ और प्रोपेगैंडा फैलाना घिनौनी बात है। सकारात्मक होने के लिए हमें अंधे होकर सरकार प्रोपेगैंडा फैलाना वाला नहीं बन जाना चाहिए।

वहीं राहुल गांधी ने भी सरकार पर तंज किया है। उन्होंने इस दौरान इस खबर की एक मीडिया रिपोर्ट साझा कर ट्वीट करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच की झूठी तसल्ली स्वास्थ्य कर्मचारियों व उन परिवारों के साथ मज़ाक़ है जिन्होंने अपनों को खोया है और ऑक्सीजन-अस्पताल-दवा की कमी झेल रहे हैं. बकौल राहुल गांधी, रेत में सर डालना सकारात्मक नहीं, देशवासियों के साथ धोखा है।

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