‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ से दिक्कत नहीं, तो ग्रेटा के ट्वीट से बैर क्यों?

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क

तीन नए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में किसानों का आंदोलन जारी है। इस आंदोलन को अब देश के अलग-अलग हिस्‍सों के साथ-साथ दूसरे देशों से समर्थन मिलने लगा है। कई इंटरनैशनल सिलेब्रिटी ने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किए हैं। हालांकि, इसके बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

किसान आंदोलन के बीच अब इस बात की चर्चा होने लगी है कि इंटरनैशनल सिलेब्रिटी का भारत के आंतरिक मामलों में बोलना सही है या नहीं। सोशल मीडिया में हर कोई इस पर अपनी राय रख रहा है। बीजेपी नेता इसे देश की अखण्‍डता से जोड़ रहे हैं।

बीजेपी की तरफ से निशाना साधे जाने के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पलटवार किया है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन और जॉर्ज फ्लॉयड के साथ हुई क्रूरता का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्लोबल विलेज में रहकर आलोचना से डरना नहीं चाहिए।

लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता चौधरी ने कहा, ‘हमारे कुछ राष्ट्रवादियों ने अमेरिका में कहा कि ‘अबकी बार, ट्रंप सरकार’, इसका क्या मतलब था? जब हमने जॉर्ज फ्लॉयड के साथ हुई क्रूरता का विरोध किया, तब तो किसी ने सवाल नहीं किया? लेकिन जब रिहाना और ग्रेटा थनबर्ग ने हमारे देश के किसानों के साथ एकजुटता दिखाई तो हम क्यों इतना परेशान हो रहे हैं?’

पश्चिम बंगाल की बेरहामपुर सीट से सांसद अधीर रंजन ने कहा, ‘हम एक ग्लोबल विलेज में रह रहे हैं। फिर हमें किसी आलोचना से क्यों डरना चाहिए? हमें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। आप सभी हमारे अन्नदाताओं के उत्पादित भोजन को खाकर बड़े हुए हैं। बेहतर होगा कि आप भी उन भारतीय किसानों के साथ एकजुटता दिखाएं।’

वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि आज सच बोलने वाले को गद्दार कहा जाता है। जो सरकार की आलोचना कर दे उसके खिलाफ केस कर दिया जाता है। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से इस किसान आंदोलन को भी बदनाम करने की कोशिश या साजिश चल रही है। मुझे लगता है यह देश के प्रतिष्ठा लिए ठीक नहीं है। किसानों के लिए ठीक नहीं है, हम सब के लिए ठीक नहीं है।’

राउत ने गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, ‘लालकिले पर तिरंगे का अपमान करने वाला दीप सिद्धू किसका आदमी है, ये आप नहीं बता पा रहे हो। अपने हक के लिए लड़ने वालों को ये देशद्रोही कहते हैं। इनकी नजर में देश प्रेमी कौन है हमारे देश में- अर्नब गोस्वामी और कंगना रनौत?’

दिल्‍ली पुलिस की साइबर सेल ने स्‍वीडिश ऐक्टिविट ग्रेटा थनबर्ग की ओर से ट्वीट किए डॉक्‍युमेंट की जांच शुरू कर दी है। गुरुवार को इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ ‘दंगा टूलकिट’ बनाने को लेकर एफआईआर हुई।

पुलिस इस टूलकिट को बनाने वालों तक पहुंचना चाहती है। उसका दावा है कि अब डिलीट कर दी गई शुरुआती टूलकिट में जनवरी और फरवरी के महीने में दिल्‍ली के भीतर अराजकता फैलाने की विस्‍तृत योजना थी।

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