जुबिली स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली। देश का अन्नदाता इस समय सरकार से काफी नाराज है। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसानों का आंदोलन अब और तेज हो गया है।
किसानों ने सोमवार को भूख हड़ताल कर मोदी सरकार को एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है। सरकार चाहती है किसान आंदोलन को खत्म करे लेकिन उनकी कोशिशों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
उधर किसान यूनियन के नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है अगर पुलिस किसानों को परेशान करेगी तो हाई-वे पूरी तरह बंद कर देंगे और संबंधित पुलिस थानों में पशु लाकर बांध देंगे।

उन्होंने सरकार को चेताया है और कहा है कि जितनी देर हमारे ट्रैक्टर रोके जाएंगे, उतनी देर नेशनल हाई-वे रूके रहेंगे। उधर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर लगातार इस आंदोलन पर अपनी नजर बनाये हुए और किसानों से फिर वार्ता शुरू करने की तैयारी में है और किसानों से संपर्क करने लगी हुई है।
ये भी पढ़ें: ‘बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का होगा राम नाम सत्य’
ये भी पढ़ें: भूख हड़ताल पर देश के अन्नदाता
उन्होंने कहा है कि किसान नेताओं को तय करके बताना है कि वे अगली बैठक के लिए कब तैयार हैं। दिल्ली के बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसान 19वें दिन भी डेरा डाले हुए हैं।
कोरोना का खतरा और गिरते पारे के बीच उनकी बड़ी लड़ाई जारी है। भारत बंद और सरकार के प्रस्ताव को खारिज करने के बाद किसान नेताओं ने अपने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है।
किसान संगठनों ने कहा है कि वो दिल्ली के सभी बॉर्डर पर सोमवार को दिनभर के लिए अनशन किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी किसानों के समर्थन में अनशन करने का फैसला किया है तो उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया। केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को धार देने की किसानों की मुहिम की एक झलक भी रविवार को देखने को मिली।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
