कृषि कानून को लेकर क्या बोली बसपा प्रमुख मायावती

जुबिली न्यूज़ डेस्क

देशभर के किसानों में नए कृषि कानून को लेकर आक्रोश भरा हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानून को लेकर पंजाब, हरियाणा और यूपी के हजारों किसान दिल्ली कूच के लिए राजधानी के बॉर्डरों पर डेरा जमाए हुए हैं। किसान जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत चाहते हैं।

इस बीच किसानों पर हो रहे अत्याचार को लेकर यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा प्रमुख मायावती ने किसान बिल को लेकर सरकार को नसीहत दी है।

मायावती ने रविवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि, देश का किसान नाराज है। केन्द्र सरकार द्वारा कृषि से सम्बन्धित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर अपनी असहमति जताते हुए पूरे देश में किसान काफी आक्रोशित व आन्दोलित भी हैं। इसके तहत, किसानों की आम सहमति के बिना बनाए गए, इन कानूनों पर केन्द्र सरकार पुनर्विचार कर ले तो बेहतर होगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के किसान बिल के विरोध में बीते चार दिन से दिल्ली एनसीआर के बॉर्डर पर डेरा जमाये हुए हैं। केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ हजारों किसान आंदोलनरत हैं। किसान ‘दिल्‍ली चलो’ मार्च निकाल रहे हैं। इस मार्च को रोकने के लिए हरियाणा और पंजाब सरकार ने अपने बॉर्डर सील कर दिए हैं। साथ ही भारी पुलिस बल को भी तैनात कर दिया है।

ये हैं किसानो की मांग

कृषि कानून से नाराज किसानो की अहम मांग इन तीनों कानूनों को वापस लेने की है. इनके बारे में उनका दावा है कि ये कानून उनकी फसलों की बिक्री को विनियमन से दूर करते हैं। किसान प्रस्तावित बिजली (संशोधन) विधेयक 2020 को भी वापस लेने की मांग कर रहे। उन्हें आशंका है कि इस कानून के बाद उन्हें बिजली पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।

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