कोरोना को लेकर ये नई रिसर्च आपको डरा सकती है

जुबिली स्पेशल डेस्क

कोरोना कब खत्म होगा,ये किसी को पता नहीं है। इतना ही नहीं कोरोना की दवा और वैक्सीन कब तक बाजार में ये भी किसी को पता नहीं है। ऐसे में हर कोई डर के साये में जीने पर मजबूर है। कोरोना खतरनाक हो चुका है। सरकार इसे काबू करने नाकाम रही है। कोरोना वायरस को लेकर विश्व में अध्यन चल रहा है।

कोरोना को लेकर नई रिसर्च सामने आई है जिसे सुनकर आपको भी डर लग सकता है। दरअसल कोरोना को लेकर एक नई स्टडी सामने आई है जिसमें कहा गया है कि वायरस शरीर में काफी अधिक समय तक रहता है। इस नई रिसर्च के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव आई है तो फेक इसलिए भी हो सकती है क्योंकि कोरोना वायरस पीड़ित व्यक्ति के शरीर में रहता है।

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में मंगलवार को एक रिपोर्ट पेश की है। इस स्टडी में पाया गया है कि संक्रमित होने के बाद जिन लोगों की दोबारा जांच की जाती है, उनमें 5 में से 1 केस फेक निगेटिव होते हैं. यानी ऐसे लोगों के शरीर में वायरस मौजूद ही रहता है।

ऐसे किया गया टेस्ट

  • इटली की मॉडेना यूनिवर्सिटी के डॉ. फैन्सेस्को की टीम ने इटली के 1162 मरीजों पर स्टडी की जो पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे
  • पहले टेस्ट के 15 दिन बाद दूसरा टेस्ट
  • फिर 14 दिन बाद तीसरा टेस्ट किया गया

मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक स्टडी के दौरान रिसर्चर्स को पता चला कि दूसरे टेस्ट के दौरान 60 फीसदी मरीज निगेटिव हो गए हैं लेकिन तीसरे टेस्ट में पता चला कि इनमें से सिर्फ 78 फीसदी मरीज ही कोरोना निगेटिव हैं। यानी हर पांच में से एक टेस्ट फेक निगेटिव आया था।

कैसे पता करे कि वायरस शरीर में है या नहीं

इस नई रिसर्चर्स में सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि अगर किसी व्यक्ति में वायरस है या नहीं है। इसको पता करने के लिए एक महीने या इससे भी कुछ अधिक समय तक इंतजार करने के बाद पता चल सकता है।

कहा गया है कि अगर रिपोर्ट निगेटिव जरूर आती है लेकिन लेकिन उन्हें शरीर में दर्द, सूंघने की क्षमता में कमी और खराब मूड की समस्या बरकरार रहती है।

यह भी पढ़ें : इंडो इस्लामिक आर्किटेक्चर पर आधारित होगी अयोध्या में बनने वाली मस्जिद

यह भी पढ़ें : कौन है ये क्रिकेटर जो जम्हाई लेने में है उस्ताद

यह भी पढ़ें : विपक्ष अब सरकार से सवाल भी नहीं पूछ सकता

यानी कहने का मतलब यही है कि वायरस शरीर में अब भी बना हुआ है। डॉ. विलियम ली कहते हैं कि कोरोना वायरस शरीर से जाने के बाद भी अपनी छाप छोड़ देता है. रिसर्चर्स को यह भी पता चला है कि वायरस ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है जो पूरे शरीर को जोड़ते हैं।

पिछले 24 घंटे में 78357 नए मामले सामने आए है

बता दें कि भारत में कोरोना लगातार खतरनाक होता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक संक्रमितों का आंकड़ा 37 लाख के पार हो चुका है जबकि पिछले 24 घंटे में 78357 नए मामले सामने आए है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह के आंकड़े के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 1,045 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 66,333 हो गई है।

देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 37,69,524 हो गए हैं, जिनमें से 8,01,282 लोगों का उपचार चल रहा है और 29,01,909 लोग उपचार के बाद इस बीमारी से उबर चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर 76.98 फीसदी हो गई है जबकि मृत्यु दर में गिरावट आई है और यह 1.76 फीसदी है। वहीं, 21.26 फीसदी मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

Related Articles

Back to top button