वाराणसी: नहीं मिली एम्बुलेंस, स्ट्रेचर पर रखकर पैदल शव ले गए घर

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क

वाराणसी में कोरोना संक्रमितों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। कोरोना से मौत और पॉजिटिल का आंकड़ा अब बड़ी संख्या की ओप बढ़ने लगा है। शनिवार को वाराणसी में 182 नए मरीज मिले, तो वहीं एक की मौत हुई थी। वाराणसी में पिछले 24 घंटे का रिकॉर्ड टूट गया। एक दिन में 182 कोरोना मरीज मिलने की संख्या जिले की सबसे ज्यादा है।

कोरोना वायरस ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की पोल खोल कर रख दी है। आए दिन यहां से मरीज को एंबुलेंस न मिलने व सही समय पर इलाज न मिलने के वजह लोग अपनी जवान गवां रहे हैं।

वाराणसी में एक महिला की मौत के बाद सरकारी हॉस्पिटल से एम्बुलेंस नहीं मिली तो परिजन स्ट्रेचर पर ही शव रख कर चल दिए। रास्ते भर लोग देखते रहे। पुलिस वाले भी बगल से गुजरे लेकिन किसी ने मदद नहीं की। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वह एंबुलेंस की व्यवस्था कर रहा था लेकिन परिजन पहले ही शव में लेकर चले गए।

वाराणसी के छोटी पियरी निवासी एक महिला शुक्रवार रात करीब 9.40 बजे अस्पताल में आई थी। महिला को सर्दी जुकाम और बुखार था। डॉक्टर ने उन्हें वार्ड नंबर चार में भर्ती किया था। इस दौरान महिला की अचानक तबियत बिगड़ने लगी।

परिवार के लोग जब तक कुछ समझ पाते महिला की मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना है कि वे लोग घंटों एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं आया।

इस कारण वे लोग स्ट्रेचर से ही शव को लेकर घर चल दिए। स्ट्रेचर के साथ एक महिला थी जो पूरे रास्ते रोते बिलखती जा रही है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इस मामले में मंडलीय अस्पताल के एसआईसी प्रसुन्न कुमार ने बताया कि महिला की मौत के बाद परिवार के लोगों को एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था।

एम्बुलेंस आने में 15-20 मिनट का समय लगता है। इस दौरान वे लोग स्ट्रेचर सहित मरीज को लेकर चले गए। हम लोगों को जब स्ट्रेचर नहीं मिलने की जानकारी हुई तो कोतवाली थाने में एक मेमो दिया गया।

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