नहीं रहे गोल्डन बाबा

जुबिली न्यूज़ डेस्क
नई दिल्ली. गोल्डन बाबा का लम्बी बीमारी के बाद दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया. वह 18 मई से एम्स में भर्ती थे. पूर्वी दिल्ली के गीता कालोनी श्मशान घाट पर उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं.

गोल्डन बाबा उर्फ़ सुधीर कुमार मक्कड़ की पहचान उनके सोना प्रेम की वजह से थी. 20 किलो वज़न के सोने के जेवर वह हर वक्त पहने रहते थे. बरेली के पंचदशनाम जूना अखाड़े के महंत गोल्डन बाबा का गांधीनगर की अशोक गली में आश्रम है. हरिद्वार के कई अखाड़ों से सम्बद्ध बाबा के निधन की खबर से हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई. बाबा की पहचान उनके शरीर पर धारण किये गए 20 किलो सोने और उनके साथ चलने वाले ढाई दर्जन सुरक्षाकर्मियों की वजह से ज्यादा रहती थी.
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गोल्डन बाबा उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद के रहने वाले थे. सन्यास लेने के पहले वह गारमेंट्स के व्यवसाय में थे. उनके खिलाफ अपहरण, जबरन वसूली, फिरौती, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. दिल्ली पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट खोल रखी थी. गंभीर मुकदमों से बेपरवाह बाबा अपनी दसों उँगलियों में अंगूठियाँ पहनते थे. सोने की घड़ी, गले में चेन के अलावा वह तमाम जेवर हर वक्त पहने रहते थे.



