जापान में फंसी सोनाली ठक्कर ने सरकार से क्या कहा

न्यूज़ डेस्क

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस दिन पर दिन पूरी दुनिया के लिए भयावह होता जा रहा है। इस वायरस से हर जगह लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसी क्रम में जापान के एक लक्ज़री क्रूज डायमंड प्रिंसेस को योकाहामा पोर्ट पर सरकार ने आइसोलेट कर दिया है। इस क्रूज पर करीब 219 यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गये हैं। इनमें दो भारतीय भी हैं।

अधिक संख्या में पॉजिटिव केस मिलने के बाद जापान ने क्रूज लाइनर को किनारे तक आने-जाने (क्वारन्टीन) से रोक दिया है। ऐसी स्थिति में जहाज में मौजूद लोगों में जो लोग संक्रमित नहीं हैं उनके संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इस क्रूज पर मुंबई की सोनाली ठक्कर भी फंसी गई हैं।

दरअसल सोनाली इस क्रूज पर सिक्यूरिटी ऑफिसर हैं। संक्रमण फैलने के डर से सोनाली ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि अगर वो भी ज्यादा दिन इस जहाज पर रुकी तो संक्रमण का शिकार हो जाएंगी।

इसीलिए उन्हें और जहाज में फंसे भारतीय को सरकार जल्द से जल्द अपने देश बुलाने का इंतजाम करें। उन्होंने कहा कि ‘प्लीज उन लोगों को मैसेज भेजें जो हमारी मदद कर सकते हैं। 10 दिन हो गए हैं। हमें यहां से निकाला जाए’।

उन्होंने कहा कि इस क्रूज पर हजार से अधिक क्रू मेंबर हैं। जोकि सब साथ रहते हैं खाते हैं। इनमें कौन कोरोना वायरस की चपेट में है, इसका पता नहीं चल पाता है।इसके लिए मौजूद लोगों की जांच कराई जाए और जो लोग ठीक हैं उन्हें अलग रखा जाए। मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन हम भारतीय दूतावास से संपर्क नहीं कर पाए हैं।

क्रूज पर इतने भारतीय

इस क्रूज पर कोरोना वायरस से दो भारतीय संक्रमित पाए गए हैं जो जहाज के क्रू सदस्य हैं। इस जहाज पर 132 भारतीय क्रू और 6 टूरिस्ट हैं। विदेश मंत्री जयशंकर के अनुसार, टोक्यो में भारतीय दूतावास जहाज पर मौजूद भारतीयों के संर्पक में है। विदेश मंत्रालय क्रूज में फंसे लोगों की पूरी मदद करने की कोशिश कर रहा है।

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