यानी Yogi सरकार अल्पमत में है !

जुबिली न्यूज़ डेस्क

कड़ाके की ठण्ड के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति अचानक गरमा गई है। दरअसल भाजपा के 100 से ज़्यादा विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ मंगलवार को सदन के भीतर धरने पर बैठ गए हैं। इन विधायकों ने अपनी ही सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। विपक्ष ने बीजेपी विधायकों को समर्थन दिया है। जबकि डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा विधायकों को मानाने पहुंच गए हैं।

बता दें कि लोनी से विधायक नंद किशोर गुर्जर के कथित उत्पीड़न को लेकर बीजेपी के विधयाकों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है।

समाजवादी पार्टी के नेता आनंद भदौरिया ने ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि, विधानसभा कल तक स्थगित होने के बाद भी भाजपा के 100 से ज़्यादा विधायक सदन में अपनी ही सरकार में उपेक्षित होने के कारण बैठे! इस समय सदन में विपक्ष सहित 200 से ज़्यादा विधायक सरकार की तानाशाही के ख़िलाफ़ यानी सरकार अल्पमत में समय से पहले जनता को कुकर्मियों से निजात मिलने की उम्मीद

बीते बुधवार को लोनी में तैनात फूड इंस्पेक्टर आशुतोष सिंह का एक वीडियो सामने आया था। जिसमें आरोप है कि विधायक नंद किशोर ने कार्यालय बुलाकर मीट के होटलों के लाइसेंस न बनाने का दबाव डाला था। इसके बाद भाजपा ने लोनी से विधायक नंद किशोर गुर्जर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने विधायक नंद किशोर से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

गाजियाबाद के एसपी नीरज जादौन की संस्तुति पर विधायक व उनके साथियों पर आईपीसी की धारा 147, 148, 323, 504, 506 और 332 के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

इससे पहले विधायक ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर कहा था कि उनपर ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, जिससे वे आजीवन जेल में रहें और उनका जीवन सुरक्षित रह सके, क्योंकि कुछ लोग उनकी हत्या कराना चाहते हैं। उन्होंने जिलाध्यक्ष व पूर्व नगर पालिका चेयरमैन पर अधिकरियों से सांठगांठ कर उनकी छवि को बदनाम करने का आरोप भी लगाया था।

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