दिल्ली में पानी की शुद्धता विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

न्यूज डेस्क

दिल्ली में पानी की शुद्धता को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति जारी है। वहीं यह विवाद अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है।

आरओ कंपनियों ने उच्चतम न्यायालय में एनजीटी के एक आदेश के खिलाफ याचिका डाली है। दरअसल एनजीटी ने अपने आदेश में कई जगह आरओ के इस्तेमाल पर रोक लगाई है, जिसके खिलाफ कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली है।

इस याचिका पर 22 नवंबर को सुनवाई हुई जिसमें उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया है कि आरओ निर्माता 10 दिन के भीतर सरकार के सामने अपनी बात रखें। कोर्ट ने ये भी कहा कि सरकार को इस बात का भी ध्यान रखना है कि वह एनजीटी के आदेश और आरओ निर्माताओं की बातों का भी ध्यान रखें।

 

याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेश में किसी तरह का हस्तक्षेप करने से मना कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के उन क्षेत्रों में आरओ फिल्टर का इस्तेमाल नहीं होगा जहां पानी में कुल घुले ठोस पदार्थों (टीडीएस) की गिनती 500 से कम होगी। इसके साथ ही अदालत ने आरओ निर्माताओं को अपनी बात लेकर सरकार के पास जाने का आदेश दिया है।

वहीं इस खबर के सामने आते ही आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर सीधे-सीधे खाद्य मंत्री राम विलास पासवान पर आरओ कंपनियों से डील होने का आरोप लगाया है। संजय सिंह ने राम विलास पासवान के एक ट्वीट पर उत्तर देते हुए कहा कि, ‘अब असली दर्द निकला बाहर मंत्री जी क्रह्र कम्पनी से क्या डील हुई है बता दो?’

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