मथुरा की धरती से ‘गाय’ और ‘ॐ’ के बहाने मोदी ने विपक्ष को घेरा

न्‍यूज डेस्‍क

भारतीय राजनीति में गाय को लेकर राजनीति काफी लंबे समय से चली आ रही है। हाल के दिनों में गाय के नाम को लेकर सियासी पारा काफी बढ़ गया है। इस बढ़े सियासी पारे के बीच देश में गाय के नाम पर लिंचिंग, गौ रक्षा के नाम पर किसी की पिटाई की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर कुछ हिंदू संगठन, बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा था और राजनीति करने का आरोप भी लगाया था। इसके अलावा भी बीफ के मसले पर पूर्वोत्तर से लेकर केरल तक कई बार राजनीतिक विवाद हो चुका है।

बुधवार उत्तर प्रदेश के मथुरा में पशु आरोग्य से जुड़ी कई योजनाओं का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘ॐ’ शब्‍द सुनते ही कुछ लोगों के कान खड़े हो जाते हैं, कुछ लोगों के कान में ‘गाय’ शब्‍द पड़ता है तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं, उनको करंट लग जाता है। उनको लगता है कि देश 16वीं-17 वीं सदी में चला गया है। ऐसे लोगों ने ही देश को बर्बाद कर रखा है।

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा कहने वालों ने देश को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हमारे देश में पशुधन काफी बड़ी बात है, इसके बिना अर्थव्यवस्था, गांव कुछ नहीं चल सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रजभूमि ने हमेशा से ही पूरे विश्व और पूरी मानवता को प्रेरित किया है। आज पूरा विश्व पर्यावरण संरक्षण के लिए रोल मॉडल ढूंढ रहा है लेकिन भारत के पास भगवान श्रीकृष्ण जैसा प्रेरणा स्रोत हमेशा से रहा है, जिनकी कल्पना ही पर्यावरण प्रेम के बिना अधूरी है।

प्रकृति, पर्यावण और पशुधन के बिना जितने अधूरे खुद हमारे आराध्य नजर आते हैं उतना ही अधूरापन हमें भारत में भी नजर आएगा। पर्यावण और पशुधन हमेशा से ही भारत के आर्थिक चिंतन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

इससे पहले यूपी के मथुरा पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने दुधारू पशुओं को गंभीर बीमारियों से मुक्त कराने के लिए तैयार की गई 13,500 करोड़ की टीकाकरण योजना का शुभारम्भ किया। पीएम ने यहां कार्यक्रम की शुरुआत गोसेवा से की। कचरा प्रबंधन से जुड़ी महिलाओं के साथ खुद कचरा छांटकर पीएम ने लोगों से प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने की सांकेतिक अपील की। साथ ही उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम भी लॉन्च की।

 

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