क्या CM रहते हुए गिरफ्तार होंगे कमलनाथ

जुबिली न्यूज़ डेस्क।

पी. चिदंबरम, डी. के. शिवकुमार जैसे कांग्रेस नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों के कसते शिकंजे के बादमध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ की एक बार फिर उनकी परेशानी बढ़ सकती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

शिरोमणि अकाली दल के मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुद्वारा रकाबगंज पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस केस से जुड़े दो गवाह बयान देने के लिए तैयार हैं। उन लोगों से बातचीत हुई और वो एसआईटी के सामने जाने के लिए तैयार हैं। एसआईटी के अधिकारियों से उनकी बातचीत हुई और जवाब में एसआईटी का कहना है कि वो बयान दर्ज कराने के लिए समय देंगे।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को कमलनाथ से इस्तीफा लेना चाहिए और उन्हें उनके पद से हटा देना चाहिए ताकि सिख समाज को इंसाफ मिल सके। इसके साथ ही उनकी मांग है कि दोनों गवाहों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए क्योंकि यह मामला अब एक मुख्यमंत्री से जुड़ा हुआ है।

सिरसा ने यह भी कहा कि उन्हें यकीन है कि कमलनाथ ऐसे पहले शख्स होंगे जो पद पर रहते हुए गिरफ्तार होंगे। उन्होंने कहा कि 35 साल पहले दिल्ली की सड़कों पर सिख समाज के साथ जो कुछ हुआ उसे कोई कैसे भूल सकता है।

सिखों के खिलाफ जो हिंसा हुई थी उससे कांग्रेस कैसे बच सकती है। कांग्रेस का इतिहास और वर्तमान यही है कि वो 84 के लिए जिम्मेदार लोगों को बचा रही है। पिछले 35 वर्षों में जिस दुख और दर्द के साथ हम जी रहे हैं उसका सिर्फ एक ही समाधान है कि जो लोग उस वारदात के लिए जिम्मेदार थे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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