तेजी से बदल रहे जम्मू-कश्मीर के हालात

न्यूज डेस्क

मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाने का बाद से वहां के हालात तेजी से बदल रहे है। माहौल में सुधार को देखते हुए प्रशासन ने यहां धारा- 144 को हटा लिया है। इसके बाद से यहा की सड़कों पर पहली जैसी हलचल देखने को मिल रही है। शनिवार को जम्मू कश्मीर के सभी स्कूल और कॉलेज को खोल दिया गया है। बच्चे बसों से स्कूल जाते दिखे। सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य था।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दावा किया है कि कश्मीर में 10 हज़ार से ज्यादा कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। साथ ही 1600 कर्मचारियों को ज़रूरी सेवाओं के लिए स्पेशल ड्यूटी पर लगाया गया है। श्रीनगर और आसपास के इलाकों में ज्यादातर एटीएम काम करने लगे हैं। साथ ही डेली वेजेज़ पर काम करने वालों की एडवांस सेलरी जारी कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि सोमवार को होने वाली बकरीद को श्रीनगर के लोग मना सके इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए राज्य में जरूरी इंतजाम किए गए हैं। राज्यपाल ने कहा कि अभी राज्य में दो महीनों का राशन है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है। ईद के लिये बाज़ार और मंडियों में सामान उपलब्ध है। 2 लाख 50 हज़ार भेड़-बकरियों और 30 लाख मुर्गे की व्यवस्था की गई है।

एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील दक्षिण कश्मीर में कम से कम चार प्रमुख स्थानों की पहचान की है। यहां 12 अगस्त से पहले नागरिकों पर लगे प्रतिबंध को हटाया जा सकता है। 12 अगस्त को ही कश्मीर में बकरीद मनाई जाएगी। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, ‘कुछ क्षेत्रों में ईद की नमाज के दौरान तनाव की काफी संभावना है। अतीत में भी अशांति के गवाह रहे शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग और सोपोर के ऐसे कुछ हिस्सों की पहचान की गई है।’

Related Articles

Back to top button