शुभेंदु अधिकारी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 6 बड़े फैसले, आयुष्मान भारत योजना लागू होगी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राज्य सरकार ने छह बड़े फैसले लिए, जिनमें आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) लागू करना, बीएसएफ को फेंसिंग के लिए जमीन देना और रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करना शामिल है।
बीएसएफ को दी जाएगी जमीन
कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि सीमा पर फेंसिंग के लिए बीएसएफ (BSF) को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। सरकार ने कहा कि यह काम अगले 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना
नई सरकार ने राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का भी फैसला किया है। इससे पहले ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र की इस योजना को लागू नहीं किया था और उसकी जगह ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना चलाई जा रही थी।
विश्वकर्मा और उज्ज्वला योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने केंद्र सरकार की विश्वकर्मा योजना और उज्ज्वला योजना को भी पश्चिम बंगाल में लागू करने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इससे कारीगरों और गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
भर्ती प्रक्रिया फिर होगी शुरू
सरकार ने लंबे समय से रुकी सरकारी भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। साथ ही सरकारी नौकरियों में अभ्यर्थियों को पांच साल की आयु सीमा में छूट देने की घोषणा की गई है।
जनगणना प्रक्रिया बहाल
कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य में स्थगित की गई जनगणना प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से फिर शुरू किया जाएगा।
पुरानी योजनाएं बंद नहीं होंगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पिछली सरकार की चल रही योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा। यानी नई सरकार पुरानी जनकल्याण योजनाओं को जारी रखेगी।
अगले सोमवार फिर होगी कैबिनेट बैठक
शुभेंदु अधिकारी सरकार ने फैसला लिया है कि अगली कैबिनेट बैठक अगले सोमवार को आयोजित की जाएगी। बैठक में बीजेपी नेता दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बंगाल चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत
हालिया विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 207 सीटें जीतकर पश्चिम बंगाल में 15 साल पुरानी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। ममता बनर्जी की पार्टी को 80 सीटों पर जीत मिली, जबकि भवानीपुर सीट से खुद ममता बनर्जी चुनाव हार गईं।

