गद्दों, बाथरूम और अलमारी में छिपे 17 करोड़! रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल पर FIR

जुबिली न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश में सेल टैक्स विभाग के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का बड़ा मामला सामने आया है। कानपुर विजिलेंस टीम ने 8 अप्रैल 2026 को उनके खिलाफ FIR दर्ज की है।
जांच में क्या सामने आया?
लंबी जांच के बाद पाया गया कि केशव लाल ने अपने पूरे सेवा काल में वैध स्रोतों से लगभग 1 करोड़ 34 हजार रुपये की आय अर्जित की, लेकिन उनकी कुल खर्च और संपत्ति 18 करोड़ 27 लाख रुपये तक पहुंच गई।
इस तरह उनके पास करीब 17 करोड़ 26 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति पाई गई।
2017 की छापेमारी में मिले थे करोड़ों रुपये
19 अप्रैल 2017 को आयकर विभाग ने नोएडा और कानपुर स्थित उनके ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। इस दौरान भारी मात्रा में नकदी और जेवरात बरामद हुए थे।
- नोएडा स्थित आवास से करीब 10 करोड़ रुपये नकद और 3 करोड़ रुपये के जेवरात मिले
- कानपुर के किराए के मकान से लगभग 4 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए
- नोट गद्दों, बाथरूम के फ्लश टैंक, अलमारी और गत्तों में छिपाए गए थे
इसके अलावा उनके नाम पर कई करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी सामने आई थी।
9 साल लंबी जांच के बाद FIR
इस मामले की जांच कई वर्षों तक चली और 6 जनवरी 2026 को विजिलेंस ने अंतिम रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर मंजूरी मिलने के बाद 8 अप्रैल 2026 को FIR दर्ज की गई।
केशव लाल का बैकग्राउंड
केशव लाल मूल रूप से चंदौली जिले के रहने वाले हैं। 2017 में वे कानपुर में तैनात थे और एक किराए के मकान में अकेले रहते थे, जबकि उनका परिवार नोएडा में रहता था।
छापेमारी के बाद उन्हें मई 2017 में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी और मामला विजिलेंस को सौंप दिया गया था।
अब आगे क्या?
FIR दर्ज होने के बाद अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह मामला उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े आय से अधिक संपत्ति मामलों में से एक माना जा रहा है।


