महाराष्ट्र में किसके दावे में है दम

न्यूज डेस्क

महाराष्ट्र में सियासी संकट बरकरार है, लेकिन सरकार बनाने के दावों का दौर जारी है। बीजेपी और शिवसेना लगातार सरकार बनाने का दावा कर रही है लेकिन राज्यपाल के पास दावा पेश नहीं कर रही है। फिलहाल अब देखना दिलचस्प होगा कि किसकों दावों में दम है, क्योंकि आज दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीश ने मुलाकात करने के बाद जल्द सरकार बनाने का दावा पेश किया तो वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि जल्द ही शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा।

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच मचे घमासान के बीच आज निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीश दिल्ली पहुंचे। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। सियासी गलियारों के में ऐसी चर्चा थी कि यह मुलाकात महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर जो संकट बरकार है उस पर चर्चा हुई है, लेकिन शाह से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह से सिर्फ किसानों को लेकर बातचीत हुई।

पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सूबे में जल्द नई सरकार की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘कौन क्या बोलता है, मैं यह नहीं कह सकता। नई सरकार के गठन को लेकर कौन क्या कहता है, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। मैं यही कहूंगा कि महाराष्ट्र में जल्दी ही नई सरकार बनेगी, मुझे पूरा भरोसा है।’

गौरतलब है कि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है। इससे पहले राज्य में सरकार का गठन हो जाना चाहिए।

वहीं आज भाजपा अध्यक्ष शाह और फडणवीस के मुलाकात के बीच महाराष्ट्र में पर्यटन मंत्री और धुले से भाजपा नेता जय कुमार रावल ने पत्रकारों से बातचीत में दोबारा चुनाव के लिए तैयार है कहकर सनसनी मचा दिया।

रावल ने कहा कि शिवसेना के व्यवहार से भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन के सहयोगी के तौर पर चुनाव लड़ा था लेकिन नतीजे आने के बाद अपना रुख बदल लिया। शिवसेना अब हमे ब्लैकमेल कर रही है। यदि वह भाजपा को सरकार बनाने में मदद नहीं करती है तो हम लोग दोबारा चुनाव के लिए तैयार हैं। राज्य के लोग प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस के साथ है।

शिवसेना के हौसले बुलंद

सियासी संकट के बावजूद शिवसेना के हौसले बुलंद है। शिवसेना के हौसले बुलंद हैं। पार्टी ने कहाद है कि भाजपा यदि उसके 50-50 फॉर्मूले को नहीं मानती है तो वह कांग्रेस और राकांपा के साथ मिलकर सरकार बनाएगी।

गौरतलब है कि रविवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने अपनी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए 170 से ज्यादा विधायकों का समर्थन होने का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा सरकार बनाने में असमर्थ रही तो शिवसेना का मुख्यमंत्री स्व. बालासाहब ठाकरे के समाधि स्थल शिवतीर्थ पर शपथ लेगा।

वहीं बेमौसम बरसात से बेहाल किसानों का हाल जानने औरंगाबाद गए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी 3 नवंबर को कहा कि आप जल्दी ही शिवसेना की सरकार बनते हुए देखेंगे।

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