सीजफायर के बावजूद गाजा में क्यों जारी हैं इजराइली हमले?

जुबिली स्पेशल डेस्क
इजराइल और हमास के बीच घोषित युद्धविराम (सीजफायर) के बावजूद हालात अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं। शनिवार को इजराइली सेना (IDF) ने बताया कि उसने सेंट्रल गाजा के नुसेरत इलाके में हवाई हमला किया है। इस हमले में कथित तौर पर इस्लामिक जिहाद के एक सदस्य को निशाना बनाया गया।
IDF के अनुसार, यह कार्रवाई उसके सैनिकों पर संभावित हमले को रोकने के उद्देश्य से की गई। सेना ने कहा कि उसकी टुकड़ियां दक्षिणी कमान के तहत युद्धविराम समझौते के दायरे में तैनात हैं, लेकिन किसी भी तात्कालिक खतरे को समाप्त करने के लिए अभियान जारी रखेगी। अब तक हमास ने इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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4 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
हमले के बाद अल-अवदा अस्पताल ने पुष्टि की कि नुसेरत कैंप के अल-अहली क्लब क्षेत्र में एक नागरिक वाहन को निशाना बनाए जाने के बाद चार घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए लाया गया।
अस्पताल के मुताबिक, हमले में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
ड्रोन से कार पर हमला
प्रत्यक्षदर्शियों ने रॉयटर्स को बताया कि उन्होंने गाजा में एक ड्रोन को कार पर हमला करते देखा, जिसके बाद वाहन में आग लग गई। इसी दौरान, इजराइली टैंकों ने गाजा सिटी के पूर्वी हिस्सों में भी गोलाबारी की, जो इस क्षेत्र का सबसे बड़ा शहरी इलाका है।
बंधकों के शवों की खोज जारी
इजराइली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इजराइल ने अपनी पुरानी नीति से हटते हुए अब मिस्र के प्रतिनिधियों को गाजा में प्रवेश की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य है — 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के दौरान अगवा किए गए बंधकों के शवों की तलाश में मदद करना।
युद्धविराम समझौते के तहत हमास ने सभी बंधकों को लौटाने का वादा किया है। अब तक 20 जीवित इजराइली बंधक रिहा किए जा चुके हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस (ICRC) के हवाले कर उनके परिवारों से मिलवाया गया है। हालांकि, 18 बंधकों के शव अब भी गाजा में मौजूद बताए जा रहे हैं।



