कंगना रनौत के इस बयान पर BJP को क्यों करना पड़ा खंडन?

जुबिली स्पेशल डेस्क

भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत एक बार फिर सुर्खियों में है। राजनीति में उनके बयान अक्सर मीडिया की सुर्खिया बन जाते हैं।

उन्होंने अब ऐसा बयान दिया है जिससे उनके सहयोगी भी नाराज होते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने किसानों को लेकर बड़ा बयान दिया है जिसके बाद देश की राजनीतिक का माहौल गर्म हो सकता है।

दरअसल हिमाचल प्रदेश में अपने निर्वाचन क्षेत्र मंडी में पत्रकारों से बात करते हुए कंगना रनौत ने कहा था, ‘मुझे पता है कि यह बयान विवादास्पद हो सकता है लेकिन तीन कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए. किसानों को खुद इसकी मांग करनी चाहिए।’ उनके इस बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी अचानक बढ़ गई है।

बीजेपी ने उनके इस बयान से कन्नी काट ली है और साफ करते हुए कहा है कि यह पार्टी का बयान नहीं है. वहीं, अब अलग-अलग पार्टी के नेताओं की तरफ से बयानबाजी शुरू हो गई है।

कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बिल्कुल, किसान कानूनों पर मेरे विचार निजी हैं और वे उन विधेयकों पर पार्टी के रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.” कंगना रनौत ने यह बात बीजेपी लीडर गौरव भाटिय के बयान को सोशल मीडिया पर रीपोस्ट करते हुए दिया।

बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कंगना रनौत के द्वारा कृषि कानूनों पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार द्वारा वापस लिए गए कृषि बिलों पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत का बयान वायरल हो रहा है। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह बयान उनका निजी बयान है। कंगना रनौत बीजेपी की तरफ से ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं और यह कृषि बिलों पर बीजेपी के नजरिए को नहीं दर्शाता है। हम इस बयान को अस्वीकार करते हैं।”

दूसरी तरफ एलजेपी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ये कंगना का पर्सनल स्टेटमेंट हो सकता है, ये उनकी सोच हो सकती है।

पार्टी का कोई बयान नहीं है।जनता दल यूनाइटेड के सीनियर लीडर केसी त्यागी ने कंगना रनौत का बयान किसानों का अपमान करार दिया है। बीजेपी को कार्रवाई करनी चाहिए। ये तो प्रधानमंत्री के फैसले का अपमान है। हम भी इन कृषि कानूनों के खिलाफ थे, हम कंगना रनौत के बयान का विरोध करते हैं।

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