नीतीश कैबिनेट विस्तार के बाद कौन-कौन मंत्री बनेगा मंत्री?

जुबिली स्पेशल डेस्क

पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागलपुर रैली और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से सीएम नीतीश कुमार की मुलाकात के बाद बिहार में कैबिनेट विस्तार की संभावना और बढ़ गई है।

जानकारी मिल रही है कि आज शाम को नीतीश सरकार में कुछ और चेहरों को शामिल किया जा सकता है। कहा जा रहा है कि बुधवार की शाम को नये मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद छोड़ दिया है और अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंप दिया हैबिहार में फिलहाल 30 मंत्री हैं, जबकि कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

किन दलों को मिल सकती है नई सीटें? बीजेपी कोटे से 3-4 नए मंत्री कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। जेडीयू कोटे से 2-3 नए चेहरों को जगह मिल सकती है। चुनाव से पहले जातीय समीकरण पर फोकस होगा।

जो मंत्री बनेंगे वो सभी विधायक, लिस्ट देखें

  • कृष्ण कुमार मंटू पटेल अमनौत से विधायक हैं
  • जीवेश मिश्रा जाले से विधायक हैं
  • संजय सरावगी दरभंगा से विधायक हैं
  • मोतीलाल प्रसाद रीगा से विधायक हैं
  • राजू सिंह साहेबगंज से विधायक हैं
  • विजय कुमार मंडल अररिया से विधायक हैं
  • इंजीनियर सुनील नालंदा के बिहारशरीफ से विधायक हैं

कैबिनेट विस्तार के बाद कौन-कौन मंत्री बनेगा मंत्री?

  • कृष्ण कुमार मंटू पटेल, कुर्मी
  • जीवेश मिश्रा, भूमिहार
  • संजय सरावगी, वैश्य
  • मोतीलाल प्रसाद, तेली
  • राजू सिंह, राजपूत
  • विजय कुमार मंडल, केवट
  • इंजीनियर सुनील, कुशवाहा

बिहार सरकार में किस दल के कितने मंत्री?

पार्टी मंत्रियों की संख्या
जदयू 13
बीजेपी 15
हम 1
निर्दलीय 1

चुनाव को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट विस्तार में जातीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। नई नियुक्तियों में विभिन्न समुदायों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति बनाई जा रही है। देखना होगा कि किन नए चेहरों को बिहार सरकार में जगह मिलती है और क्या यह बदलाव चुनावी समीकरण को प्रभावित करेगा।

बता दें कि बिहार में इस साल के नवंबर तक चुनाव होना है। ऐसे में मौजूदा सरकार का ये अंतिम कैबिनेट विस्तार होगा। चुनाव से पहले सभी वर्गों को ध्यान में रखकर कैबिनेट विस्तार किया जा रहा है ताकि चुनाव में इसका पूरा फायदा मिले। हालांकि ये देखना रोचक होगा कि नीतीश कुमार और कितने दिन बीजेपी के साथ रहते हैं क्योंकि उनका भरोसा नहीं है और पलटी मार दे तो किसी को हैरानी नहीं होगी।

फिलहाल नीतीश कुमार बार-बार मीडिया में कह रहे हैं कि वो इस बार मजबूती के साथ बीजेपी के साथ रहेगे और मोदी सरकार को उनका समर्थन जारी रहेगा।

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