जब बेटों ने किया इनकार तो भगवान बनकर मदद को आई पुलिस

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उस समय अजीब-ओ-गरीब स्थिति पैदा हो गई जब कोरोना की वजह से रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी की मौत हो गई तो उनके बेटों ने उनका अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. ऐसे हालात में भोपाल पुलिस आगे आयी. पुलिसकर्मियों ने पीपीई किट पहनकर शव को श्मशान पहुंचाया जहाँ उनकी पत्नी ने अपने पति को मुखाग्नि दी.

मामला भोपाल की जगन्नाथ कालोनी का है. यहाँ पर रेलवे से रिटायर्ड सतीश वर्मा अपने परिवार के साथ रहते थे. सतीश वर्मा को कोरोना हो गया तो वह घर ही में आइसोलेट हो गए. उनकी मृत्यु हो गई तो उनके दोनों बेटों ने यह कहकर पिता के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया कि अगर उन्हें कोरोना हो गया तो. बेटों के इनकार के बाद सतीश वर्मा की पत्नी ने पड़ोसियों का दरवाज़ा खटखटाया लेकिन सभी ने टका सा जवाब दे दिया.

यह भी पढ़ें : हिंदी को बेचैन कर गए कुंवर

यह भी पढ़ें : कोरोना ने रोक दी भगवान राम पर चल रही एक अहम रिसर्च

यह भी पढ़ें : सप्लायर कोर्ट को बताएं किस अस्पताल को कितनी आक्सीजन दी

यह भी पढ़ें : ऊपर वाले माफ़ कर दे, अब सहा नहीं जाता 

सतीश की पत्नी को जब कहीं से भी मदद नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस से मदद माँगी. दरोगा नीलेश अवस्थी और सिपाही गजराज ने पीपीई किट पहनकर शव को श्मशान पहुंचाया. श्मशान घाट पर सतीश वर्मा की पत्नी हेमलता ने अपने पति को मुखाग्नि दी.

Related Articles

Back to top button