मोदी सरकार के इस राहत पैकेज में क्या है खास

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। कोरोना की पहली लहर की तरह दूसरी लहर में भी देश को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कोरोना की दूसरी लहर में जहां लोगों की जिंदगी तबाह हो गई, वहीं बेरोजगारी की वजह से लोगों काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।

इतना ही नहीं लोगों का काम धंधा पूरी तरह से बंद हो गया और दो वक्त की रोटी भी जुटाना भी मुश्किल हो रहा है। हालांकि सरकार कुछ ठोस योजना बनाकर ऐसे लोगों को राहत देनी कोशिशों में जुटी है।

इसी सब को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने सोमवार को राहत पैकेज की घोषणा की है। इसके साथ ही कोरोना प्रभावित सेक्टर के लिए 1.1 लाख करोड़ की लोन गारंटी का भी वित्त मंत्री ने ऐलान किया है।

इस योजना के तहत 50 हज़ार करोड़ रुपये की लोन गारंटी हेल्थ सेक्टर को, जबकि 60 हज़ार करोड़ रुपये अन्य सेक्टरों को दी जा रही है। इसके तहत 100 करोड़ तक का लोन 7.95 फीसद ब्याज पर दिया जाएगा। जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगी।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि डिजिटल इंडिया योजना के तहत 19,041 करोड़ रुपये दी जाएगी। इसके तहत देश की सभी ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इस बारे में पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2020 को ऐलान किया था।

छोटे उद्योगों को सहारा देने के लिए वित्त मंत्री ने बड़ी घोषणा की है। वित्त मंत्री ने छोटे उद्योगों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के लिए फंडिंग में बढ़ौतरी करने का बड़ा ऐलान किया है।

इसके तहत अब 4.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। बता दें कि पहले इस स्कीम के तहत 3 लाख करोड़ रुपये की थी। वित्त मंत्री ने बताया कि इस स्कीम के तहत अब तक एमएसएमई, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को 2.69 लाख करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है।

वहीं माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन के जरिये से दिए जाने वाले लोन के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम की घोषणा गई है। अगर देखा जाये तो ये एक नई स्कीम है।

इसके तहत कमर्शियल बैंक के एमएफआई को दिए गए नए और मौजूदा लोन के लिए गांरटी दी जाएगी। इस योजना से 25 लाख लोगों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

 

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