Demonetisation को लेकर आरबीआई ने SC को क्या दिया जवाब ?

जुबिली स्पेशल डेस्क

भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटबंदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नोटबंदी के दौरान सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।

आरबीआई ने कहा कि नवंबर, 2016 में नोटबंदी के दौरान 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोटों को बैन करने का निर्णय लेते समय आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 26 (2) में निर्धारित प्रक्रिया का विधिवत पालन किया गया था।

बता दें कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 500 और 1,000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। मोदी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा था।

अधिकांश अर्थशास्त्रियों ने इस फैसले को गलत बताया था और कहा था कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे और इसका भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर होगा।

आखिरकार अर्थशास्त्रियों की भविष्यवाणी सही साबित हुई। नोटबंदी के खिलाफ दायर याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई कर रही थी।

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 बेंच में जस्टिस बी आर गवई, ए एस बोपन्ना, वी रामासुब्रमण्यम और बी वी नागरथना भी शामिल हैं। आरबीआई की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष पेश करते हुए बताया कि हमने हलफनामे पर कहा है कि नियमों द्वारा निर्धारित कोरम पूरा हो गया था। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कदम पर विचार-विमर्श फरवरी 2016 में शुरू हुआ था, लेकिन इसकी गोपनीयता बनाई रखी गई थी।
वहीं नोटबंदी के बाद उद्योग जगत में बड़ा प्रभाव देखने को मिला था। भारी संख्या में छोटे-छोटे उद्योग धंधे खत्म हो गए। भारी संख्या में लोग बेरोजगार हुए।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी नोटबंदी को खतरनाक फैसला बताया था और कहा था कि इसका असर तीन साल बाद देखने को मिलेगा और ऐसा हुआ भी। वर्तमान में भारत में मंदी की मार से सभी परेशान है। भारत की जीडीपी निम्र स्तर पर पहुंच गई है।

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