पश्चिम बंगाल में सीएए को लेकर क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय

जुबिली न्यूज़ डेस्क

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों के बयानों ने अपने अपने मंसूबे साफ़ कर दिए हैं। वहीं बिहार में सरकार बनाने के बाद भारतीय जनता पार्टी बंगाल पर केन्द्रित है। बंगाल चुनाव को लेकर बीजेपी के मंसूबे साफ़ नजर आ रहे हैं। इस चुनाव में बीजेपी एनआरसी, सीएए और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों को लेकर चुनाव में तड़का लगाएगी।

इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय बीते दिन कहा कि नागरिकता संशोधित कानून अगले साल जनवरी से लागू हो सकता है।उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार शरणार्थियों के प्रति हमदर्दी नहीं रखती है।

उत्तर 24 परगना जिले में अन्याय और नहीं अभियान के तहत उन्होंने पत्रकारों से बात की।इस दौरान उन्होंने कहा कि, ‘हमें उम्मीद है कि सीएए के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया अगले साल जनवरी से शुरू हो जाएगी।’ ‘केंद्र सरकार ने सीएए को ईमानदार नीयत से पड़ोसी देशों से हमारे देश आए उत्पीड़ित शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए पारित किया था।’

वहीं विजयवर्गीय की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता फरहाद हाकिम ने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रही है। सीएए में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ गए हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में साल 2021 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।ऐसे में सभी की निगाहें टीएमसी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के अगले कदम पर टिकी है। उन्होंने कुछ दिन पहले मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। शुभेंदु अधिकारी ममता सरकार में परिवहन मंत्री के पद पर तैनात थे।

ख़बरों के अनुसार टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।हालांकि टीएमसी के नेताओं को पूरा भरोसा है कि शुभेंदु पार्टी को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।

Related Articles

Back to top button