क्या यूएन मुख्यालय में ट्रंप पर ‘जानबूझकर’ हुआ हमला?

जुबिली स्पेशल डेस्क

न्यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक दिन ऐसा जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए साजिश के थ्रिलर जैसा रहा। ट्रंप ने यूएन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ जानबूझकर ‘ट्रिपल सैबोटाज’ की साजिश रची गई, जिसमें उनकी और पत्नी मेलानिया की जान तक को खतरा पैदा हो गया था।

ट्रंप ने इन ‘हमलों’ की सीसीटीवी जांच की मांग करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखने तक की घोषणा कर डाली।

एस्केलेटर पर जानलेवा हादसा!

मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में भाषण के लिए पहुंचे ट्रंप के साथ पहली घटना तब घटी जब वे पत्नी मेलानिया के साथ एस्केलेटर पर सवार होकर ऊपर जा रहे थे।

अचानक एस्केलेटर रुक गया। ट्रंप ने इसका जिक्र करते हुए बताया, “अगर हमने रेलिंग नहीं पकड़ी होती, तो हम सीधे नीचे गिर जाते। यह कोई छोटी-मोटी तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी।”

टेलीप्रॉम्प्टर फेल, भाषण अधूरा खतरा?

दूसरा झटका तब लगा जब ट्रंप के भाषण का टेलीप्रॉम्प्टर काम ही नहीं कर रहा था। राष्ट्रपति के मुताबिक, उन्हें बिना टेलीप्रॉम्प्टर के ही भाषण शुरू करना पड़ा और करीब 15 मिनट बाद जाकर मशीन चालू हुई। उन्होंने इसे भी साजिश का हिस्सा बताया।

सबसे बड़ा सबोटाज: माइक सिस्टम बेकार!

तीसरा और सबसे गंभीर आरोप ट्रंप ने ऑडियो सिस्टम को लेकर लगाया। उनका कहना है कि जब वे भाषण दे रहे थे, तो हॉल में उनकी आवाज ठीक से सुनाई नहीं दे रही थी। आवाज सिर्फ उन्हीं लोगों को सुनाई दे रही थी, जिन्होंने अनुवाद के लिए इयरपीस लगा रखे थे। खुद पत्नी मेलानिया ट्रंप ने शिकायत की कि उन्हें भी भाषण सुनाई नहीं दिया।

“यह कोई दुर्घटना नहीं, साजिश है”- ट्रंप

इन तीनों घटनाओं को ट्रंप ने ‘ट्रिपल सैबोटाज’ करार देते हुए साफ कहा कि यह कोई मामूली गलती नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई कार्रवाई थी। उन्होंने कहा, “मैं इसकी पूरी जांच चाहता हूं। सीसीटीवी फुटेज देखा जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।”

अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच पर लगे इन गंभीर आरोपों की जांच क्या और कैसे होती है। ट्रंप का यह दावा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचाने वाला साबित हो सकता है।

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