कॉफी किंग संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, 7000 करोड़ रुपये का था कर्ज

एशिया की सबसे बड़ी कॉफी एस्टेट कंपनी कैफे कॉफी डे (CCD) के संस्थापक और मालिक वीजी सिद्धार्थ बेंगलुरु के मंगलौर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए हैं। पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी नेता एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ सोमवार शाम को घर से निकले थे, तब से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है।

कॉफी किंग वीजी सिद्धार्थ की तलाश के लिए कन्नड़ पुलिस हेलिकॉप्टर और कोस्ट गार्ड की मदद ले रही है। करीब 200 लोगों को उनकी तलाश में लगाया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने भी एसएम कृष्णा के आवास पर जाकर परिवार से मुलाकात की।

लापता होने से पहले सिद्धार्थ ने अपने सीएफओ से बात की थी। बताया जा रहा है कि कॉफी कैफे डे पर 7 हजार करोड़ का लोन है। पुलिस को शक है कि लोन के कारण सिद्धार्थ ने सुसाइड कर लिया।

पुलिस का मानना है कि वीजी सिद्धार्थ ने पुल से नदी में छलांग ली। ऐसे में पुलिस नदी में गहन सर्च ऑपरेशन चला रही है। गायब होने से पहले उनकी एक चिट्ठी मिली है, जहां उन्होंने लिखा है, ”उम्मीद करता हूं कि आप मुझे माफ कर देंगे।

चिट्ठी में वीजी सिद्धार्थ ने अपनी नाकामी के बारे में लिखा- ‘मैं सीसीडी को प्रॉफिटेबल बिजनेस मॉडल बनाने में नाकाम रहा। हालांकि मैंने पूरी मदद की। मैंने इसे पूरी जिंदगी दी। लेकिन मुझे माफ कर दीजिए। मैं आप सबकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। परेशानियों को खत्म करने के लिए मैं लंबे समय से जूझता रहा, मगर अब हिम्मत हार गया हूं। मुझमें और प्रेशर लेने की ताकत नहीं है। मुझपर दोस्तों का काफी कर्ज है। कुछ प्राइवेट इक्विटी पार्टनर्स भी मुझे अपनी शेयर बेचने का दबाव बना रहे हैं।’

मंगलुरु पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल ने कहा कि वीजी सिद्धार्थ बेंगलुरु से यह कहते हुए निकले थे कि वह सकलेशपुर जा रहे है, लेकिन रास्ते में अपने ड्राइवर से मंगलुरु जाने के लिए कहा।  नेत्रावती नदी के पुल पर पहुंचकर सिद्धार्थ ने कार से नीचे उतरे और अपने ड्राइवर को जाने के लिए कहा।

सीएफओ से बातचीत करने के बाद सिद्धार्थ का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इस कारण एसएम कृष्णा समेत पूरा परिवार परेशान है। लापता सिद्धार्थ की तलाश के लिए दक्षिण कन्नड़ पुलिस लग गई है। सिद्धार्थ जिस जगह से लापता हुए हैं, वहां पर एक नदी है, जिसमें पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रही है।

बता दें कि इन दिनों सिद्धार्थ के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं। उनपर आयकर विभाग का 300 करोड़ रुपये बकाया है और उनकी निवेश कंपनी सिवन सिक्यॉरिटीज कर्ज में डूबी हुई है। आयकर विभाग ने बीते दिनों उनके घर और दफ्तर में छापा मारा था। यही कारण है कि मुश्किलों से उबरने के लिए सिद्धार्थ दूसरी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में थे।

कब हुए लापता?

खबरों की माने तो सोमवार शाम को सिद्धार्थ अपनी कार लेकर घर से निकले थे। मंगलौर के पास नेत्रारावती नदी पर बने पुल पर उन्होंने कार रुकवाई और कार से उतर कर कही चले गए। ये जगह बंगलुरु से करीब 375 किलोमीटर दूर है। जब एक घंटे बाद भी वह नहीं लौटे तो ड्राइवर को फिक्र होने लगी। उसने आसपास अपने मालिक को ढूंढा, लेकिन वह कही नहीं मिले, जिसके बाद ड्राइवर ने परिवार को फोन किया और बाद में परिवार ने पुलिस को खबर की।

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